– स्यूड़ा में मासूम नीरज की मौत पर गम बांटने पहुंचे विधायक राम सिंह कैड़ा

सर्वेश तिवारी, डीडीसी। सरकारें तमाम बार आईं और चली गईं, लेकिन गरीबों के गांव आज तक सरकार को कोई आदमी नहीं पहुंचा। अंग्रेजों से आजादी के बाद ये पहली बार है कि कोई विधायक इन तोकवासियों के बीच पहुंचा। विधायक राम सिंह कैड़ा तोक सलकिया में रहने वाले शिव दत्त भट्ट के 4 वर्षीय पुत्र नीरज की मौत पर उनका गम बांटने गए थे। उन्होंने गम भी बांटा और मौत की उस सरकारी हौज को ढकने का वादा भी किया, जिसमें डूब कर नीरज की दर्दनाक मौत हो गई थी। पहली बार कोई विधायक सलकिया पहुंचा था तो शिकायतें भी स्वाभाविक थी। गांव के लोगों ने विधायक को समस्याएं गिनाईं तो विधायक ने भी खुद को उनका बेटा बताते हुए समस्या समाप्त करने का वादा कर दिया। हालांकि जिनको चलने का पैदल रास्ता भी नसीब न हो, वहां समस्याएं कैसी होंगी… अंदाजा लगाया जा सकता है।

हौज से मां ने निकाली ती बेटे की लाश
नीरज दो बहनों से छोटा और शिवदत्त भट्ट का इकलौता पुत्र था। घटना के रोज मां कुंती देवी खेत में काम कर रही थी। तभी नीरज मां से नजरें बचा कर सिंचाई के हौज तक पहुंच गया। 10 फीट का हौज पानी से लबालब भरा था और नीरज उसी में गिर गया। नीरज काफी वक्त तक नहीं दिखा तो मां ढूंढने पहुंची और उसे नीरज की लाश हौज में उफनाती हुई मिली।

घर और हौज को छत, सलकिया को सडक़

विधायक राम सिंह कैड़ा ने खुद हौज का निरीक्षण किया। उन्होंने हौज पर लिंटर डालने के लिए 50 हजार रुपये देने की बात कही। साथ ही सडक़ के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र के बाद 2 लाख देने की घोषणा की। बीपीएल बाहुल्य तोक सलकिया में विधायक कैड़ा, देवकी देवी के झोपड़े में पहुंचे। उन्होंने इस टपकते झोपड़े की रसोई पर छत डलवाने के लिए भी कहा। इसके बाद कैड़ा सलकिया की सालों पुरानी प्रस्तावित सडक़ को भी देखने पहुंचे।

नीरज के परिवार को दिलाएंगे आर्थिक सहायता
विधायक कैड़ा ने कहा कि वह विधायक निधि से हौज पर छत डलवाएंगे। मंडी समिति से नीरज की मौत का मुआवजा भी दिलाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद का भरोसा दिलाया और कहाकि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री से स्वंय बात करेंगे। इस दौरान समाजसेवी मंजू भट्ट ने विधायक राम सिंह कैड़ा को सलकिया के विकास और पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा।

शिकायतें तो तमाम हुईं, लेकिन सुनी नहीं गई
आजादी के बाद से अफसर और नेता दोनों सलकिया से दूर थे, लेकिन यहां रहने वाली समाजसेवी मंजू भट्ट हमेशा सलकिया के विकास के लिए प्रयास करती रहीं। वर्ष 2013 से उन्होंने हर अफसर और नेता से विकास की मांग की। तमाम पत्र लिखे और मुख्यमंत्री को तो हाल ही में रजिस्ट्री भी की। आज फिर मंजू भट्ट, खीमानंद भट्ट, जीवन भट्ट, हेम भट्ट, हरीश राम आर्या, सुंदर राम आर्या, सोबन सिंह, नरैन सिंह ने विधायक कैड़ा के सामने इन मांगों को दोहराया।

विधायक भी हैरान थे सलकिया का हाल देख कर
नैनीताल में स्यूड़ा स्थित सलकिया शहर से महज 25 किलो मीटर दूर है। यहां नजदीक ही विश्व प्रसिद्ध हैड़ाखान मंदिर है। दुर्गम पड़ाह का तोक सलकिया मुख्य सडक़ से एक किलोमीटर से अधिक है। सुनने में दूरी कुछ भी नहीं लगती, लेकिन जब दुर्गम रास्तों से पैदल सडक़ तक आना-जाना तो हो हालत खराब हो जाती है। फिर तोक वासी तो आटा से सिलेण्डर तक सब सिर पर ढो कर ले जाते हैं। ये सब देखकर कैड़ा भी हैरान थे कि इतनी सरकारें आईं-गईं, लेकिन यहां विकास नहीं हुआ।

बरसात में पैदल रास्ता भी नहीं बचता
जब यहां किसी की ज्यादा तबीयत खराब होती है तो उसे कंधे पर लाद कर या फिर डोली के जरिये चार लोग सडक़ तक पहुंचाते हैं। पहाड़ का ये पैदल और इकलौता रास्ता हमेशा टूटता और बनता रहता है, लेकिन जब बरसात होती है तो ये भी नहीं बचता। रास्ता न होने की वजह से शादियां तय होने में भी खासी अड़चनें आती हैं। तमाम लोग तो समस्या से उक्ता कर शहर चले गए। अब इनके झोपड़े खंडहर और ख्रेत जंगल में तब्दील हैं।

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