सर्वेश तिवारी, डीडीसी। एक के बाद एक भारत को भगवा रंग में रंगती जा रही भाजपा अब मुश्किल में है और इस मुश्किल की वजह हैं किसान। किसान बिल वापस लेने की मांग पर अड़े किसान दिल्ली के सिंधु बार्डर पर डेरा डाल कर बैठे। किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है और यही  वजह है कि 8 दिसंबर को किसान नेताओं ने भारत बंद का आहवहान किया है। भारत बंद पर अब मोदी सेनाा अकेली पड़ चुकी है और पूरे के पूरे विपक्ष ने अब किसानों के कंधे पर राजनीति की बदूक रख कर मोदी सेना पर निशान साध दिया है।
भारत सरकार के किसान बिल से किसान खुश नहीं है और यही वजह है कि दिल्ली के सिंधु बार्डर पर हजारों-हजार किसान जमा है। किसान तो सीधा दिल्ली में दाखिल होना चाहते थे, लेकिन उन्हें बार्डर पर ही रोक दिया गया। पिछले 12 दिन से सिंधु बार्डर पर डटी भारतीय किसान यूनियन ने 8 दिसंबर को भारत बंद बुलाया है। इससे पहले किसान नेताओं और भारत सरकार के मंत्रियों के बीच कई दौर की वार्ता विफल हो चुकी है और इसकी सिर्फ एक वजह है कि किसान चाहते हैं बिल वापस लिया जाए। जबकि सरकार बिल वापस नहीं लेना चाहती, हां बिल में संसोधन के लिए राजी है। इन सबके बीच किसानों को बॉलीवुड और खेल जगत से समर्थन मिलने लगा। बात आगे तक निकली तो पूरे के पूरे विपक्ष ने किसान आंदोलन को भारत सरकार के खिलाफ हथियार की तरह इस्तेमाल करने का मन बना लिया और किसानों की मांग व भारत बंद को अपना पूर्ण समर्थन दे दिया। कांग्रेस ने तो अपने कार्यकर्ताओं से यहां तक कह दिया कि हर राज्य और जिले में किसानों के समर्थन में सडक़ पर उतरा जाए। इधर, समाजवादी पार्टी के सर्वेसर्वा अखिलेश यादव ने कन्नौज से ट्रैक्टर यात्रा का एलान कर दिया। पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखते हुए ममता बनर्जी भी किसानों के समर्थन में खड़ी हो चुकी हैं। हाल ही में खासा चर्चा में रहा गुपकार गठबंधन भी खुल कर मैदान में आ गया है। इसके अलावा बहुजन समाजवादी पार्टी की मायावती, शरद पवार, लेफ्ट, टीआरएस, डीएमके, पेट्रोल डीजल एसोसिएशन, दिल्ली गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन तक ने अपना समर्थन दे दिया है। वहीं बेंगलूरू में अनिश्तिकालीन धरने की तैयारी हो चुकी है। कुल मिलाकर पूरे भारत में मोदी सेना के आगे नतमस्तक हो चुके विपक्ष को अब किसान आंदोलन की आड़ में बढिय़ा मौका मिल चुका है। पूरा का पूरा विपक्ष किसानों के कंधे पर राजनीति की बंदूक रख कर मोदी सेना पर निशाना साधना चाहती है। आपको बता दें कि 9 दिसंबर को भारत सरकार और किसानों के बीच एक और दौर की वार्ता होनी है।

संधु बार्डर पहुंचे दिल्ली के सीएम केजरीवाल
सिंधु बार्डर पर पिछले 12 दिन से किसान डटे हैं और मांग एक ही है कि किसान बिल वापस लिया जाए। आपको बता दें कि किसानों की मांग पर आम आदमी पार्टी ने अपना पूर्ण समर्थन दिया है। किसानों की किसी तरह की असुविधा न हो, इसको लेकर दिल्ली सरकार सिंधु बार्डर पर तमाम व्यवस्थाएं कर रखी है। इसी व्यवस्था का जायदा लेने के बहाने आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद के जरीवाल किसानों के बीच सिंधु बार्डर पहुंचे। यहां उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा तो लिया ही, साथ ही किसान नेताओं से मुखातिब हुए और उनसे लंबी बातचीत की।

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