– रुद्रप्रयाग में दोषी मां समेत पांच अभियुक्तों को 10 वर्ष की कैद

रुद्रप्रयाग, डीडीसी। एक मां ने ममता के दामन को दागदार कर दिया। देवभूमि में इस मां की करतूत जिसने भी सुनी वो इस कलयुगी मां कोसने लगा। वजह कि रुपयों के लालच में इस मां ने अपनी ही नाबालिग बेटी को वैश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया। मां पैसे लेकर नाबालिग बेटी को होटलों तक पहुंचाने लगी, लेकिन बुराई से बदबू आने लगी और मां समेत 5 लोग सलाखों के पीछे पहुंच गए। सभी को अदालत ने सजा सुनाई और जुर्माना भी ठोंका। मामला उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग का है।

डेढ़ साल पहले रुद्रप्रयाग कोतवाली में लिखाया था मुकदमा
25 जून 2019 को कोतवाली रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) में एक नाबालिग की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। नाबालिग पीड़ि‍ता ने पुलिस को बताया था कि उसकी मां सरला अन्य लोगों के साथ मिलकर उससे जबरन देह व्यापार कराती है और इसकी एवज में पैसे लेती है। रुद्रप्रयाग शहर के एक होटल में यह काम लंबे समय से कराया जा रहा है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पोस्को अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया था। जांच के दौरान आरोपितों से पूछताछ की गई और आरोपों की पुष्टि हो गई।

मां और होटल मालिक समेत 5 को सजा
इस मामले में जिला न्यायाधीश हरीश गोयल की अदालत ने गुरुवार को होटल व्यापारी महेश खन्ना को पोस्को व अनैतिक कार्य कराने के मामले में दस वर्ष की कैद और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। पीड़ि‍ता की मां सरला देवी को पोस्को व अनैतिक कार्य करने के आरोप में दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई और जुर्माना भी ठोंका। प्रकरण में शामिल बीना देवी को भी दस वर्ष की कैद व 15 सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कृत्य में शामिल प्रकाश राणा व राजेंद्र भंडारी को भी दस वर्ष की सजा व अर्थदंड की सजा मिली है। सभी सजा साथ-साथ चलेंगी। सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुदर्शन चैधरी ने मामले की पैरवी की थी।

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