– मंगलवार को लोहाघाट जेल के शौचालय में लटकती मिली थी युवक की लाश

चम्पावत, डीडीसी। नाबालिग के अपहरण (kidnap) और बलात्कार (Rape) के आरोपी युवक जितेंद्र (22) की लाश बीते मंगलवार को लोहाघाट जेल (Lohaghat Jail) में फांसी के फंदे से लटकती मिली थी। पहले इस मामले को सिंपल सुसाइड (Suicide) के एंगल से देखा जा रहा था, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है। कहा जा रहा है कि युवक ने आत्महत्या नही की। बल्कि सुनियोजित तरीके से उसका जेल में कत्ल (Murder) किया गया और फिर लाश को फांसी के फंदे पर टांग दिया गया, ताकि मामला देखने में सुसाइड का लगे। इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया और मृतक के परिजन हंगामे और बवाल पर आमादा हैं। मामला उत्तराखंड के चम्पावत जिले का है।

परिवारवालों को सौंप दी लाश
मंगलवार को हुई इस घटना के बाद सूचना मृतक जितेंद्र के परिजनों को दी गई। जिसके बाद शव (Deadbody) को पोस्टमार्टम के लिए भेज गया। शव का पोस्टमार्टम 3 चिकित्सकों के पैनल ने किया। जिसके शव परिवारवालों के सुपुर्द कर दिया गया। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही आई है। मौत की असल वजह जानने के लिए पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। जिसके बाद ही आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

अपहरण, बलात्कार और मौत का ये था पूरा मामला
खेड़ा कसनी जिला बदायूं उत्तर प्रदेश निवासी जितेंद्र (22) पुत्र खुशी राम यहां बनबसा में रहता था। पास ही एक 16 साल की लड़की रहती थी। आरोप है कि रंगाई-पुताई का काम करने वाले जितेंद्र ने 16 साल की नाबालिग का अपहरण कर लिया और उसे लेकर बंदायू चला गया। जहां उसने नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और लड़की बरामद कर ली। कोर्ट ने 14 जनवरी को 14 दिन की न्याययिक हिरासत में जितेंद्र को जेल भेजा और 26 जनवरी को जितेंद्र की लाश जेल के बाथरूम में लटकती मिली।

जेल प्रशासन पर है कत्ल का आरोप
मौत की खबर पर जितेंद्र के परिजन गुरुवार को लोहाघाट पहुंचे और उन्होंने जितेंद्र की हत्या करने का आरोप जेल प्रशासन पर मढ़ दिया। पोस्टमार्टम पहुंचे परिजनों ने यहां जमकर हंगामा काटा। एसडीएम आरसी गौतम के समझाने के बाद वे कुछ देर के लिए शांत हुए, लेकिन पंचनामा भरते समय फिर से हंगामा शुरू हो गया। फिलहाल परिजन शव को लेकर परिजन बदायंू के लिए रवाना हो गए हैं। सीएचसी अस्पताल के डा. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमएस डा. जुनैद कमर व डा. रवींद्र बोहरा ने पोस्टमार्टम किया।

मृतक की मां बोली, निर्दोष बेटे को फंसाया
मृतक विचाराधीन कैदी की मां लक्ष्मी देवी व भाभी पंचनामा भरते समय दहाड़े मारकर रोने लगीं। उसकी मां कह रही थी कि उसके बेटे को निर्दोष फंसाया गया और जेल में डालकर उसकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपेते ही मां बेटे के शव से लिपट गई और विलाप करने लगी। ये देख साथ में आए लोग भी अपने आंसू थाम नही पाए।

न कत्ल के सुबूत, न शरीर पर मिले जख्म
एसडीएम चम्पावत आरसी गौतम ने बताया कि फिलहाल मामला आत्म हत्या का लग रहा है। परिजनों की शंका दूर करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। मामले की जांच टनकपुर के मजिस्ट्रेट हिमांशु कफल्टिया करेंगे। वहीं अनिल गब्र्याल, एसडीएम सदर चम्पावत का कहना है कि इस मामले में पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों की राय ली गई है। शरीर में कोई घाव नहीं हैं और हत्या के भी कोई सबूत नहीं हैं। अलबत्ता पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा।

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