– छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल के ट्वीट के बाद छुड़ाए गए 4 छात्र

हरिद्वार, डीडीसी। एलोपैथी पर कथित टिप्पणी करने के बाद शुरू हुई मुश्किल योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) का पीछा छोड़ने का नाम नही ले रही है। आज उनके लिए दो-दो बुरी खबर आई। पहले पश्चिम बंगाल में बाबा के खिलाफ IMA ने मुकदमा (FIR) दर्ज कराया और फिर बाबा के पतंजलि स्कूल वैदिक शिक्षण संस्थान गुरुकुलम पर छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) के छात्रों को बंधक (hostage) बनाने और उन्हें छोड़ने के आरोप में लाखों रुपये की डिमांड का आरोप लगा। मामले में जब खुद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने ट्वीट किया, तब जा कर छात्र आजाद हुए।

एक छात्र को छोड़ने की कीमत 50 हजार
बताया जा रहा है कि अभिभावकों ने हरिद्वार के जिलाधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर मदद मांगी थी, जिसमें अभिभावकों ने कहा कि 4 बच्चों को परिजनों को सौंपने के लिए गुरुकुलम प्रबंधन की ओर से 50 हज़ार रुपए प्रति छात्र सिक्योर‍िटी मनी मांगी गई। इस पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। इस मामले को लेकर छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट भी क‍िया है। सीएम बघेल ने ट्वीट करके कहा है क‍ि पतंजलि गुरुकुल स्कूल में छत्तीसगढ़ के 4 छात्रों को बंधक बनाए जाने की शिकायत मुझ तक पहुंची थी। गरियाबंद कलेक्टर और एसपी की पहल पर बंधक बनाए गए बच्चों को छोड़ दिया गया है। मैं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं।

CM के ट्वीट के बाद बढ़ी हलचल
छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के ट्वीट के बाद हलचल तेज हो गई। हरिद्वार के जिलाधिकारी का पूरे मामले पर कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। इस पर संबंधित संस्थान से बात की गई है और अधिकारियों को भी जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बच्चे गुरुकुलम से मुक्त कराया जाए सके।

ये है रामदेव और आईएमए का व‍िवाद
बीते रविवार को रामदेव की वायरल वीडियो क्लिप में दिए गए उस बयान को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था जिसमें वह कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही कुछ दवाओं पर सवाल उठाते हुए कहा था कि ‘कोविड-19 के लिए एलोपैथिक दवाएं लेने से लाखों लोग की मौत हो गई.’ इस टिप्पणी का डॉक्टरों के संघ ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उनसे ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बयान वापस लेने के लिए कहा।

फिर रामदेव ने IMA से पूछे 25 सवाल
एक दिन बाद, योग गुरु ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ‘खुले पत्र’ में आईएमए से 25 प्रश्न पूछे। इसमें पूछा गया था कि क्या एलोपैथी ने उच्च रक्तचाप और टाइप-1 और टाइप-2 मधुमेह जैसी बीमारियों के लिए स्थायी राहत प्रदान की है। उन्होंने पार्किंसंस रोग जैसी आधुनिक समय की बीमारियों को सूचीबद्ध किया और सवाल किया कि क्या एलोपैथी में इंफर्टिलिटी (बांझपन) का बिना दर्द का इलाज है।रामदेव के करीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इसे साजिश बताते हुए कहा कि आईएमए संगठन के तहत एलोपैथिक चिकित्सकों द्वारा रामदेव और आयुर्वेद को निशाना बनाया जा रहा है।

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