– देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अव्यवस्था की वजह से हो रहीं मौतें

भरत गुप्ता, डीडीसी। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मौत तांडव कर रही है, लेकिन इसकी वजह अब केवल कोरोना नहीं है। क्योंकि कोरोना की वजह से तो लोग बाद में मर रहे हैं, उससे पहले उन्हें उत्तर प्रदेश की बदहाल हो चुकी व्यवस्था मार डाल रही है। फिर वो किसी उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक के पड़ोसी पद्मश्री हो या फिर भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रुमाना सिद्दकी की ननद। हाल इतने बेहाल है कि आज ही राजधानी के एक अस्पताल में तीन मरीजों की मौत ऑक्सीजन न मिल पाने की वजह से हो गई। अपनी इन्हीं नाकामियों को छिपाने के लिए योगी सरकार के नुमाइंदों ने शमसान घाटों को दीवारों पर ढकना भी शुरू कर दिया।

अफसरशाही की भेंट चढ़ गई रूमाना की ननद
वर्तमान में भाजपा कार्य समिति की सदस्य रूमाना सिद्दकी ने अपनी फेसबुक वॉल पर लिखा, उनकी ननद गर्वनमेंट लेक्चरर शहनाज सिद्दकी अफसरशाही की भेंट चढ़ गई। शहनाज को अस्पताल में इजाल की जरूरत थी और अस्पताल मिल नही रहा था। उन्होंने सीएसओ लखनऊ को फोन किया। सीएमओ ने डाक्टर नवनीत बंसल को बोलकर पल्ला झाड़ लिया। दो दिन तक शहनाज को अस्पताल नहीं मिला और बगैर इलाज उनकी मौत हो गई। शहनाज को कोरोना नहीं था, लेकिन सिर्फ इसलिए उन्हें अस्पताल नहीं मिला क्योंकि उनकी चिकित्सक पहले कोरोना को निगेटिव रिपोर्ट मांग रहे थे।

सरकार में रहते हुए भी लाचार हैं हम : रुमाना
रुमाना अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि हम सरकार में रहते हुए भी लाचार हैं। ये अफसरशाही जब तक सरकार को बदनाम न कर देगी, तब तक चैन नहीं लेगी। उन्होंने लिखा, अगर टेस्ट नहीं हुआ तो इलाज नहीं होगा और भी बीमारी होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रार्थना की है कि ऐसे सीएमओ और डाक्टर को हटा कर सक्षम लोगों को भर्ती किया जाए। कुछ ऐसा ही कानून मंत्री बृजेश पाठक के साथ हुआ था। उन्होंने पद्मश्री विजेता अपने पड़ोसी के लिए सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य मंत्री तक को फोन कर दिया, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली और उनकी मौत हो गई।

ऑक्सीजन न मिलने से 3 की मौत
लखनऊ में लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक स्थित पुरानी इमरजेंसी में ऑक्सीजन न मिलने से वहां भर्ती तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो गई। शनिवार सुबह छह बजे के लगभग हुई मरीजों की मौत के बाद खफा तीमारदारों ने हंगामा किया। ऑक्सीजन खत्म होने से करीब 60 मरीजों की सांसें उखडऩे लगीं। यहां बाराबंकी की सारंग कंपनी ऑक्सीजन सिलेंडर की आपूर्ति करती है और अब मौतों के बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

ऑक्सीजन आपूर्ति कंपनी को पहले बताया गया था, फिर भी ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की। मरीजों की मौत के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। – डॉ. एके सिंह, निदेशक, लोहिया संस्थान

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here