– दोनों सिपाहियों समेत तस्करों के सरगना सत्तार गिरफ्तार

डीडीसी, हरिद्वार। कहा कहिए, जब खाकी ही मुजरिमों की खिदमतदार बन जाए। हजारों रुपये महीना तनख्वाह होने के बावजूद खाकी खुद जुर्म का रास्ता अख्तियार कर ले। ऐसा ही हुआ कुंभ नगरी हरिद्वार में। यहां एक पुलिस वाले को भारी मात्रा में चरस के साथ गिरफ्तार किया गया। मुजरिमों के खबरी एसटीएफ के सिपाही को भी दबोचा गया है। कुल 6 लोग अरेस्ट हुए हैं। जिसमें तस्करों के सरगना सत्तार भी है और इसके एक गुर्गे के पास से लाखों की स्मैक बरामद की गई है। खबर ये भी है कि पुलिसवाला चरस बिक्री में भी लिप्त था। मामला उत्तराखंड (Uttrakhand) में हरिद्वार (Haridwar) के ज्वालापुर थाना (Jwalapur) इलाके की है।

गुर्गे के घर से मिली 8 लाख की स्मैक
STF को खबर मिल रही थी कि ज्वालापुर में चरस, स्मैक का कारोबार शबाब पर है और इसके पीछे पुलिस वालों का हाथ है। तत्काल एसटीएफ व एंटी ड्रग टास्क फोर्स की संयुक्त टीम तैयार की गई। शुक्रवार को सबसे पहले कस्सावाल ज्वालापुर निवासी राहिल पुत्र मुस्तफा के घर पर दबिश दी गई और मौके से राहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। राहिल के पास से 189 ग्राम स्मैक बरामद की गई। जिसकी कीमत 8 लाख बताई जा रही है। इसके साथ स्मैक बिक्री के 9700 रुपये भी बरामद किए गए। राहिल तस्करों के सरगना सत्तार का रिश्तेदार है।

गुर्गे की निशानदेही पर दबोचा गया सरगना
तस्करी के मामले में 2017 में जेल की हवा खा चुके राहिल ने आरोपी पुलिस कर्मियों की काली करतूत का भंडाफोड़ किया। बताया कि सत्तार को धंधे में पुलिस कर्मी मदद करते हैं। जो पुलिस की गोपनीय जानकारी सत्तार को देते है। इसके बाद पुलिस ने सरगना सत्तार को रोहल्की बहादराबाद और इरफान निवासी एकड़ पथरी को दबोचा। फिर कस्सावान निवासी महिला गंगेश नाम सामने आया और पता लगा कि 10 साल की सजायाफ्ता है। पुलिस ने गंगेश के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया और उसके घर से सवा किलो चरस बरामद की।

बर्खास्त किए जाएंगे दोनों सिपाही
DIG नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि पुलिस की ओर से किसी भी तरह की कार्रवाई होने पर हरिद्वार के थाना ज्वालापुर में नियुक्त कांस्टेबल अमजद ये खबर सत्तार और उसके गुर्गों तक पहुंचाता था और बताता था कि किस तरह माल व गिरोह के सदस्यों को पुलिस से बचाना है। यही काम एंटी ड्रग टास्क फोर्स में नियुक्त कांस्टेबल रईसराजा भी करता था। सत्तार के खिलाफ ज्वालापुर थाने में 38 मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पुलिस कर्मी तस्करों को संरक्षण दे रहे थे। दोनों के मोबाइल फोनों की जांच कर रही है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों को जल्द बर्खास्त किया जाएगा।

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