– राजस्थान में मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार ढोंगी बाबा हत्थे चढ़ा

जयपुर, डीडीसी। देश मे बड़े-बड़े बाबाओं ने हिन्दू आस्था को कलंकित करने में कोई कोर-कसर नही छोड़ी। फिर वो आसाराम हो या फिर बाबा राम-रहीम। ढोंगी बाबाओं की इस दुनिया में अब एक नया नाम जुड़ गया है। ये वो बाबा है जो अपनी महिला भक्तों को अपने शयन कक्ष तक ले जाने के लिए भांग की गोलियों के प्रसाद इस्तेमाल करता था। जयपुर पुलिस ने 4-4 दुष्कम के आरोपी तपस्वी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है।

भांग की गोलियां खिलाता और ऊपर ले जाता
तपस्वी बाबा खुद को भगवान बताता था। प्रसाद के रूप में भांग की गोलियां खिला देता था। महिलाओं को आश्रम में ऊपर ले जाता था। नशा होने पर महिलाओं को बोलता था कि सब कुछ मुझे समर्पण कर दो। इसके बाद महिलाओं से दुष्कर्म करता था। किसी को बताने पर बाबा धमकी भी देता था। इस मामले में जब शिकायत थाने पहुंची तो बाबा फरार हो गया। हालांकि कानून की पहुंच से दूर बाबा नही भाग सका। भांकरोटा थानाध्यक्ष मुकेश चौधरी ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद कथित तपस्वी बाबा योगेंद्र मेहता फरार हो गया था।

25 साल से पीड़िता के परिवार को जानता है बाबा
पीड़ित महिला ने रिपोर्ट में बताया कि उसका विवाह 1998 में जयपुर के बिंदायका इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ था। उसके ससुराल के कुल देवता तपस्वी बाबा हैं। बाबा का आश्रम मुकुंदपुरा में है। बाबा के आश्रम में उनके परिवार का 25 सालों से आना-जाना था। वहां पर धीरे-धीरे बाबा की गद्दी को योगेंद्र मेहता ने संभाल लिया और तपस्वी बाबा का आश्रम खोल लिया। योगेंद्र मेहता का आश्रम मुकुंदपुरा के अलावा रातल्या सीकर रोड और दिल्ली रोड पर है।

आश्रम में रह कर ही सेवा करती थी पीड़िता
पीड़िता के परिवार का आश्रम में आना-जाना था। पीड़िता का पति भी अक्सर बाबा के आश्रम में सत्संग सुनने जाता था। बाबा ने उसके पति को कहा कि पूरे परिवार को आश्रम में लेकर आया करे। इसके बाद पीड़िता भी पति के साथ आश्रम में आने लगी। आश्रम में वह पांच-छह महीने के अंतराल में जाती थी और तीन-चार दिन रुक कर आश्रम में सेवा करती थी। कुछ समय तो आश्रम में ठीक चलता रहा, लेकिन बाद में गड़बड़ होने लगी।

मैं भगवान, मेरी सेवा करो और सब कुछ दे दो
बाबा महिलाओं को आश्रम में बुलाते और कहते कि मैं ही भगवान हूं। तुम मेरी सेवा करो। सब कुछ गुरु को समर्पण कर दो। विवाहिता ने बताया कि आश्रम में रोजाना रात को आठ से दस महिलाएं रुकती थीं। विवाहिता का आरोप है कि उसे एक दिन रात को बाबा ने छत के ऊपर बने कमरे में बुलाया। कमरे में उसे एक गोली दी और कहा कि यह प्रसाद है। बाबा ने कहा कि ईश्वर का ध्यान करो और समर्पण का भाव रख सब कुछ दे दो। गोली खाते ही उसे कुछ नशा होने लग गया। तब बाबा ने दुष्कर्म किया। छह महीने के बाद आश्रम में गई तो बाबा ने बुलाकर दोबारा से दुष्कर्म किया।

बेटी को भेजने लगे तो हुआ खुलासा
कुछ दिन पहले से ही पीड़िता का पति 20 साल की बेटी को आश्रम में ले जाने लगा। पीड़िता ने बेटी को आश्रम में ले जाने से मना कर दिया। जिस पर पति ने बेटी को आश्रम ना ले जाने की वजह पूछी और फिर विवाहिता ने तपस्वी बाबा की पूरी करतूत बता दी।

पीड़िता की भाभी और जेठानी को भी बनाया हवस का शिकार
ये बात जब परिवार में फैली तो पता कि पीड़िता की भाभी व जेठानी से भी बाबा ने डरा-धमका कर दुष्कर्म किया। उसके पति व भाई ने बाबा को फोन कर दुष्कर्म के बारे में पूछा तो बाबा ने उन्हें बर्बाद करने की धमकी दे दी। जिसके बाद पीड़ित परिवार फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और तफ्तीश में जुट गई। जिसके बाद से ही बाबा फरार था।

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