– अयोध्या में राम मंदिर के लिए बीपीएल गांव बाहुल्य ग्राम पंचायतों में उम्मीद से ज्यादा जमा हुआ दान

हल्द्वानी, डीडीसी। राम मंदिर की जद्दोजहद अब इतिहास बना चुका है, अब अयोध्या की सरजमीं पर ऐतिहासिक राम मंदिर का निर्माण होना है। इसके लिए पूरे देश से दान लिया जा रहा है। दान के लिए निकलीं टोलियां मंगलवार को गरीबों के गांवों तक पहुंची। बीपीएल परिवारों का बहुतायत वाले गांवों में जब टोलियां पहुंची तो लगा नहीं कि दान के नाम पर ज्यादा कुछ मिलेगा, लेकिन भगवान राम के नाम पर जब लोगों ने अपना दिल खोला तो टोलियों की झोलियां गरीबों की पाई-पाई से भरने लगी। दान के लिए निकली टोलियों के लिए कुछ ऐसा था कि रोटी की आस में गए और घी मुफ्त मिला। मंगलवार को ये टोलियां उत्तराखंड में भीमताल विकास खंड के गावों में थीं और हजारों रूपये का दान भगवान राम के मंदिर के लिए एकत्र किया।

जिसने भी सुना वो खुद दौड़ा चला आया
भगवान राम के मंदिर के लिए कई टोलियों का गठन किया गया था। पांच ग्राम पंचायत हैड़ाखान, ऊठुवा, स्यूड़ा, बड़ेत और ओखलढूंगा के लिए एक साथ अगल-अलग टीमें रवाना हुईं। टीमों ने लोगों को पत्रक सौंपे और दान के बारे में बताया। साथ ही लोगों के मन में उठ रहे सवालों को भी शांत कियाा। इस दौरान लोगों ने दिल खोल कर दान दिया और तमाम तो ऐसे लोग भी थे कि सुनते ही दान देने के लिए दौड़े चले आए। जबकि टीम ने घर-घर पहुंच कर दाम जमा कियाा।

10, 100 और हजार, फिर कितना भी…
ये तय किया गया कि दान के लिए निकलीं टोलियां भारत के हर घर तक पहुंचेंगी, लेकिन किसी पर भी दान देने का दबाव नहीं है। स्वेच्छा से लोग दान कर सकते हैं। इस दान में पारदर्शिता रहे, इसके लिए बकायदा दान पर्चियां छपवाई गई हैं। ये दान पर्चियां 10, 100 और हजार रुपये की हैं। यानि आप 10, 100 और हजार रुपये तक दाम में दे सकते हैं। इसके अलावा एक और पर्ची है। इसके जरिये आप क्षमता अनुसार यानि एक हजार से ऊपर कितना भी दान कर सकते हैं।

दान से बढ़ा दान टोलियों का हौसला
टोलियां जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख इंद्र सिंह नयान के नेतृत्व में निकलीं। इंद्र सिंह नयाल का कहना है कि जिस तरह लोगों ने बढ़ चढ़ कर दान में हिस्सा लिया है, उससे टोलियां लेकर निकले कार्यकर्ताओं का हौसला बुलंद हैं। न्याय पंचायत पालक बलवंत सिंह सम्मल, महिला अभियान प्रमुख मंजू भट्ट, संग्रहकर्ता जीवन सिंह सम्मल, जमाकर्ता मधू सूदन पलडिया ने अलग-अलग टोलियों की अगुवाई की। हैड़ाखान में इंद्र सिंह नयाल, आनंद सिंह, राघवेंद्र सिंह सम्मल, श्याम सिंह थे। उढुवा में जीवन सिंह सम्मल, बीरबल सिंह, पूरन सिंह थे। स्यूड़ा में मधुसूदन पलडिया, मंजू भट्ट, सोवन सिंह सम्मल, राजेंद्र सिंह सम्मल थे। जबकि ओखलढूंगा में अभियान प्रमुख ललित मोहन सम्मल, जीवन सिंह सम्मल और लक्ष्मी दत्त बड़ौला थे।

इस जमीं पर झुकता है बॉलीवुड सितारों का सिर
हैड़ाखान मंदिर की बहुत मान्यता है। हैड़ाखान बाबा को मानने वालों की न सात सम्दर पार कोई कमी है और न ही मायानगरी मुम्बई यानि बॉलीवुड में। हॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकीं बॉलीवुड अदाकार प्रियंका चौपड़ा जब भी भारत या फिर अपने ग्रह नगर बरेली में होती हैं तो हैड़ाखान के दरबार में माथा टेकने जरूर आती हैं। प्रियंका युवा बॉलीवुड से ताल्लुक रखती हैं। जबकि ओल्ड बॉलीवुड से शम्मी कपूर की तो यहां शादी भी हुई है। इसके अलावा विदेशी भक्तों यहां सालों-साल आकर निवास करते हैं।

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