– मानसिक दिव्यांग नाबालिग को बनाया था हवस का शिकार

राजगढ़, डीडीसी। एक नाबालिग लड़की की मानसिक दिव्यांगता का फायदा उठा कर उसके साथ बलात्कार किया गया। कुकर्म का पता भी बलात्कार के 6 माह बाद लगा। आज करीब 3 साल बाद न्याय मिला और बलात्कारी को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई, लेकिन उम्र कैद की सजा सुनते ही आरोपी अदालत से धक्का-मुक्की कर फरार हो गया। अब पूरे शहर की पुलिस को फरार बलात्कारी की तलाश में लगा दिया गया है। मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले का है।

पेट फुला तो लगा पता बलात्कार का
राजगढ़ थाने में दो अक्टूबर 2018 को पीड़िता के परिजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग लड़की को बचपन में लकवा हो गया था इससे वह मानसिक तौर पर विकलांग हो गयी थी। बालिका का पेट फूला होने पर उसने परिजन को बताया कि 5-6 माह पहले जितेन्द्र ने उसके साथ बलात्कार किया था और तथा पेट में उसका गर्भ है।

महज 23 साल का है बलात्कारी
राजगढ़ जिले की एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म के मामले में जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनते ही 23 वर्षीय जितेंद्र ने भागने की कोशिश की। अदालत के मुंशी ने उसे पकड़े की कोशिश की, लेकिन जितेंद्र मुंशी को भी धक्का देकर फरार हो गया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि विशेष न्यायाधीश डॉ अंजली पारे ने नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी जितेन्द्र को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

उम्र कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा
जितेंद्र के खिलाफ बलात्कार और पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था और उस पर दोष भी साबित हो गया। जितेन्द्र को आजीवन करावास के साथ 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया। अदालत से अपराधी के फरार होने की सूचना जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई है। पुलिस जितेन्द्र की तलाश कर रही है।

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