– क्रिसमस के ठीक एक दिन पहले नैनीताल, हल्द्वानी के चांदमारी में हुई थी वारदा

हल्द्वानी। क्रिसमस के ठीक एक दिन पहले नैनीताल, हल्द्वानी के चांदमारी में अमित की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। गोली सीने में लगी और एक ही वार से अमित की मौत हो गयी। मौत का इल्जाम अमित से अलग रह रही उसकी पत्नी और परिवार वालों पर लगा। मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस जांच में जुट गयी। जब खुलासा हुआ तो मामला ठीक उलट निकला। अमित का पूर्व पार्टनर ही कातिल पाया गया और कत्ल की वजह बनी कातिल की पत्नी से अमित का ताल्लुक। फिलहाल कातिल सलाखों के पीछे है और पुलिस ने कत्ल से जुड़े तमाम सुबूत जुटा लिए हैं।

मृतक के मोहल्ले में रहता है कत्ल का आरोपी
कातिल का नाम हरीश चन्द्र पंत 42 वर्ष पुत्र स्व. रमेश चन्द्र पंत है और वो निचली अदालत में संविदा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। कातिल अमित के मोहल्ले ब्यूराखाम, चांदमारी, काठगोदाम का रहने वाला है। घटना 24 दिसम्बर की देर शाम करीब सात बजे की है। अमित भीमताल रोड स्थित सलड़ी में अपने होटल से लौट रहा था। कातिल अमित का इन्तजार उसी की गली में टहल रहा था। बाइक सवार अमित जैसे ही अपने घर के मोड़ पर पहुंचा, तभी ताड़ लगाए हरीश ने तमंचा ताना और गोली अमित के सीने में गोली उतार दी।
पहले ही कर के आया था भागने का जुगाड़
 भागने के लिए कैनाल रोड पर वे पहले से ही अपनी बाइक खड़ी करके गया था। बाइक के पास पहने हुए कपड़े नहर में फेंके और चेंज करके वापस घटनास्थल पर पहुंच गया। चूंकि कत्ल का इल्ज़ाम अमित की पत्नी और ससुराल वालों पर था। जांच में जुटी पुलिस को जब
ऐसा कुछ नहीं मिला तो तफ्तीश का दायरा बदला। सीसीटीवी पफुटेज में एक संदिग्ध पुलिस को नज़र आ गया। पहचानने में कुछ वक्त ज़रूर लगा, लेकिन जल्द
ही कातिल हरीश की तस्वीर साफ हो गयी।
व्हाट्सअप ने खोले रिश्तों के राज

बकौल कातिल अमित उसकी पत्नी को वाट्सएप मैसेज करता था। इस बात को लेकर उसने अपनी पत्नी को भी समझाया था, लेकिन जब मैसेज का सिलसिला नहीं रुका तो उसने षड़यंत्रा रचा और अंजाम तक भी पहुंचाया। इस मामले में पुलिस ने 315 बोर का तमंचा, एक खोखा, घटना के वक्त पहनी गयी पैंट, दो मोबाइल और बाइक जब्त की है। खुलासा करने वाली पुलिस टीम में काठगोदाम थानाध्यक्ष भगवान सिंह महर, एसआई चन्द्रशेखर कन्याल, देवेन्द्र सिंह, हरीश आर्य, दिलीप कुमार, कांस्टेबल मोहन जुकरिया, राजाराम सिंह, एसओजी निरीक्षक रवि सैनी, जितेन्द्र कुमार, वीरेन्द्र चैहान, कुंदन कठायत, त्रिलोक सिंह, सर्विलांस से किशन कुमार थे।

सुबूत है, लेकिन कत्ल से इनकार
हरीश चन्द्र पंत के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त
सुबूत हैं। बावजूद इसके कत्ल के आरोपी ने पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि उसके पास इसका कोई ठोस आधर नहीं है। इस मामले में पुलिस ने न सिर्फ आलाकत्ल बरामद किया है बल्कि कत्ल से जुड़े लगभग सारे सुबूत भी जुटा लिए हैं। पुलिस आरोपी के साथ जब खुलासे के लिए मीडिया के सामने आई तो आरोपी से भी इस बावत कुछ सवाल किए गए। आरोपी ने हर सवाल के एवज में सिर्फ इतना कहा कि कत्ल उसने नहीं किया। कत्ल के आरोपी को भी अदालत में
अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा, फििल्हाल तो पुलिस के सुबूत तो हरीश को ही कातिल ठहरा रहे हैं।

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