– Sandesh को भारत सरकार की एजेंसी NIC ने तैयार किया है

नई दिल्ली, डीडीसी। भारत सरकार ने WhatsApp को टक्कर देने के लिए Sandes को लॉन्च कर दिया है। काफी समय से इस पर काम चल रहा था और लिमिटेड यूजर्स के लिए इसे जारी भी किया गया था। अब देखना होगा कि सन्देश किस हद तक व्हाट्सएप को टक्कर दे पाएगा।

लोकसभा में दी सन्देश की जानकारी
मिनिस्टर ऑफ स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी राजीव चंद्रशेखर ने लोकसभा में एक लिखित रिप्लाई में इसकी जानकारी दी है। इस इंस्टैंड मैसेजिंग प्लैटफॉर्म को नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर ने तैयार किया है।नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर की बात करें तो ये भारती IT मंत्रालय के तहत आता है। Sandes के काम करने का तरीका WhatsApp की तरह ही है और इसका लोगो भी वॉट्सऐप से इंस्पायर लगता है।

ऑडियो, वीडियो कॉल भी कर सकते हैं
राजीव चंद्रशेखर के मुताबिक Sandes एक ओपन सोर्स बेस्ड सिक्योर क्लाउड एनेबल्ड प्लेटफॉर्म है जिसे सरकार होस्ट करती है। ऐसा इसलिए ताकि इसका स्ट्रैटिजिक कंट्रोल भारत सरकार के पास ही रहे। इस प्लैटफॉर्म के कई फीचर्स हैं। सिंगल चैट, ग्रुप मैसेजिंग, फाइल शेयरिंग और ऑडियो वीडियो कॉल्स भी इससे किए जा सकते हैं। इस ऐप में eGov का भी सपोर्ट दिया गया है यानी इसी में इंटिग्रेट कर दिया गया है। राजीव चंद्रशेखर के मुताबिक ये ऐप गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध है।

क्या व्हाट्सएप को टक्कर देगा संदेश
ऐप स्टोर या गूगल प्ले स्टोर से इसे डाउनलोड किया जा सकता है। डाउनलोड करने के बाद फोन नंबर एंटर करना है। ओटीपी के जरिए आप इस ऐप में साइन अप कर पाएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या इसमें एंड टु एंड एन्क्रिप्शन दिया जाता है या नहीं। आपको बता दें कि व्हाट्सएप की सबसे बड़ी खासियत इसका एन्क्रिप्शन सिस्टम है। इस ऐप में एंड टु एंड एन्क्रिप्शन है। दावा किया जाता है कि सेंडर या रीसिवर के अलावा कोई भी तीसरा चैट को पढ़ नहीं सकता, यहां तक की कंपनी भी नहीं। ऐसे में क्या संदेस में भी आगे चल कर एंड टु एंड एन्क्रिप्शन आएगा या नहीं, ये नहीं कहा जा सकता है।

इतनी भी आसान नही है सन्देश की राह
अगर इस ऐप में एंड टु एंड एन्क्रिप्शन नहीं आता है तो शायद ये वॉट्सऐप से टक्कर न ले पाए। क्योंकि यूजर्स की प्राइवेसी के लिहाज से एंड टु एंड एन्क्रिप्शन बड़ी चीज है। बिना एंड टु एंड एन्क्रिप्शन वाले ऐप्स का डेटा थर्ड पार्टी ऐक्सेस किया जा सकता है। इसके अलावा व्हाट्सएप की खासियत इसकी स्पीड और कुछ खास फीचर्स भी हैं। मैसेज यहां काफी तेजी से डिलिवर होते हैं। ऐसे में Sandes ऐप क्या इसे मैच कर पाता है ये भी देखना दिलचस्प होगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि सन्देश की राह इतनी भी आसान नही है।

अभी इस्तेमाल कर रहे हैं सरकारी कर्मचारी
इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के जरिए साइन अप कर सकते हैं। फिलहाल इसे भारत सरकार के इंप्लॉइ ही यूज कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी एजेंसियों में काम करने वाले लोगों को भी इसे यूज करने के लिए दिया गया है। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा है कि MeitY के तहत आने वाले NIC यानी नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर ने इसे तैयार किया है। ये ऐप इंस्टैंट मैसेजिंग कम्यूनिकेशन के लिए है।

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