– चमोली जिले के एक गांव में रुपयों के लालची परिवार की करतूत

चमोली, डीडीसी। उत्तराखंड को शर्मसार करने वाली वाली एक घटना चामोली जिले से सामने आई है। जहां 12 साल की बेटी घरवालों ने 32 साल के दूल्हे को बेच दी। परिवार के लोगों ने ये अपराध सिर्फ पैसों के लिए और नाबालिग की शादी कराते वक्त उन्हें लगा कि उनका ये अपराध कभी सामने नही आएगा। हालांकि ऐसा हुआ नही और नाबालिग की शादी का मामला खुला तो हड़कंप मच गया। अब इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और बाल संरक्षण आयोग भी मामले में दखल दे रहा है।

8वीं में पढ़ती है नाबालिग पीड़िता
ये मामला उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पोखरी क्षेत्र के एक गांव का है। यहां चंद रुपयों के लालच में परिजनों ने अपनी ही नाबालिग बेटी का सौदा कर दिया। नाबालिग आठवीं कक्षा में पढ़ती थी। घरवालों ने पैसे लेकर उसकी शादी करा दी और ताज्जुब की बात तो यह है कि शादी होने से पहले और शादी होने के बाद गांव का एक आदमी भी इसकी खिलाफत में सामने नही आया। यही वजह है कि नाबालिग का ब्याह भी हो गया और वो ससुराल भी पहुंच गई।

शिक्षक की सतर्कता से सामने आया मामला
नाबालिग की शादी की मामला शायद न खुलता, अगर इस मामले में एक शिक्षक उपेंद्र सती आगे न आया होता। दरअसल, नाबालिग जिस स्कूल में पढ़ती है, शिक्षक उपेंद्र वहीं पढ़ाता है। हुआ ये कि शादी से कुछ दिन पहले छात्रा ने स्कूल आना बंद कर दिया। परीक्षा के देने लिए जब छात्रा सोमवार को स्कूल पहुंची तो उन्होंने छात्रा ने स्कूल न आने की वजह पूछी। छात्रा ने जवाब दिया कि उसकी शादी घरवालों ने 32 साल के एक युवक से करा दी है। ये जानकर शिक्षक हैरान रह गया। शिक्षक ने सोशल मीडिया के जरिये मामले को सरेआम कर दिया। इसका नतीजा ये हुआ कि मामला सुर्खियों में आ गया और प्रशासन ने मामले का संज्ञान ले लिया।

जांच के लिए जिलाधिकारी ने भेजी टीम
मामला सुर्खियों में आया और प्रशासन तक जा पहुंचा। जिसके बाद डीएम स्वाति भदौरिया ने मामले की जांच को गांव में एक टीम भेजी है। क्षेत्र के एक स्कूल के शिक्षक उपेंद्र सती ने बताया कि छात्रा लंबे समय से स्कूल नहीं आ रही थी। सोमवार को जब वह परीक्षा देने आई तो उसने बताया कि उसके घरवालों ने पैसे लेकर उसकी शादी दून के 32 साल के एक युवक से कर दी।

ससुरालियों के दुर्व्यवहार से वापस लौटी नाबालिग
शिक्षक उपेंद्र को छात्रा ने बताया कि उसके घरवालों ने पैसे लेकर उसकी शादी देहरादून के रहने वाले युवक से करा दी और वो उसे अपने साथ देहरादून ले गया। जहां उसके नाबालिग के साथ दुर्व्यवहार किया। छात्रा ने बताया कि युवक ने दुर्व्यवहार पर वह लौट आई। अब मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है और मामले से बाल संरक्षण आयोग और डीजीपी को भी अवगत कराया गया है।

जिलाधिकारी से 10 दिन में मांगी रिपोर्ट
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ज्योति साह मिश्रा ने डीएम को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। उधर, उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने भी डीएम को दस दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। डीएम स्वाति भदौरिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गांव भेज दी गई है।

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