– बेसहारा हुई बेटियों के पिता विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना से जुड़ी कंपनी में करते थे काम

चमोली, डीडीसी। लॉक डाउन के दौरान यहां-वहां फंसे लोगों के लिए मसीहा बन कर सामने आए रुपहले पर्दे के सुपरस्टार सोनू सूद ने फिर दिल जीता है। इस बार सोनू ने उत्तराखंड का दिल जीता है। यहां चमोली में आई आपदा में पिता खो चुकी 4 बेटियों को सोनू ने सहारा दिया है। सोनू के इस काम की एक बार पूरे देश मे सराहना हो रही है। आलम सिंह की ये बच्चियां टिहरी के दोगी पट्टी में रहती हैं।

8 दिन बाद मिली आलम की लाश
आलम सिंह (45) विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना से जुड़ी ऋत्विक कंपनी में इलेक्ट्रीशयन के पद पर कार्यरत थे। आपदा में आलम परियोजना की टनल के भीतर काम करने गए थे, लेकिन उसके बाद लौटे नहीं। आठ दिन बाद मलबे में दबा उनका शव मिला तो परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।

सोनू सूद उठाएंगे पढ़ाई का खर्च
आलम परिवार में इकलौते कमाने वाले थे। उनकी मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई। चार मासूम बच्चों आंचल (14), अंतरा (11), काजल (08) व अनन्या (2) की जिम्मेदारी का बोझ आलम की पत्नी पर आ गया। इस बीच सिने अभिनेता सोनू सूद देवदूत बनकर सामने आकर उन्होंने पहल की है। सोनू सूद ने आलम सिंह के चारों बच्चों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने का भरोसा दिया है।

ट्विटर पर लिखा, अब ये परिवार हमारा है
इस मामले को लेकर एक शख्स ने ट्विटर पर ट्वीट किया था और साथ में चारों बच्चियों की फोटो भी शेयर की थी। इस फोटो के साथ एक भावुक सन्देश भी लिखा था। सोनू सूद की नजर इस ट्वीट पर पड़ी और उन्होंने री-ट्वीट किया, उन्होंने लिखा कि अब ये परिवार हमारा है भाई।

34 की शिनाख्त, 27 लाशें अभी गुमनाम
आपदा के बाद 204 लोग लापता हो गए थे। त्रासदी के 12 दिन बाद भी 174 श्रमिकों का कुछ पता नहीं है। कुल 61 शव अलग-अलग स्थानों से बरामद किए जा चुके हैं। 34 की शिनाख्त हो चुकी है और 27 की शिनाख्त अभी तक नहीं हो पाई है। कोतवाली जोशीमठ में 179 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है।

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