– खनन की मनमानी से टनकपुर-जौलजीवी मोटर मार्ग में अड़चन, आरजीबीएल को उठानी पड़ रही हानि

चम्पावत, डीडीसी। ये सरकार है जिसको चाहे आकार दे दे और जिसको चाहे बेकार कर दे। कुछ ऐसा ही हो रहा है टनकपुर-जौलजीवी मार्ग पर। बात कायदा यानि नियमों की करें तो जब तक ये सडक़ बन कर तैयार नहीं हो जाती, इस पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट नहीं चलाया जा सकता, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। ओवरलोड पब्लिक ट्रांसपोर्ट के साथ ही इस सडक़ पर खनन और अवैध खनन के ओवरलोड डंपर दिनभर धमाचौकड़ी कर रहे हैंं। इस धमाचौकड़ी की वजह से नई नवेली सडक़ पर आए दिन हादसे हो रहे हैं, जाम लग रहा है, नई सडक़ रोड टूट रही है और इन सबकी वजह से काम में देरी हो रही है। जनता तो इसका खामियाजा भुगत ही रही है, साथ ही सडक़ बना रही आरजीबीएल कंपनी को हर रोज लाखों रुपये का चूना लग रहा है। अनुबंध से बंधी आरजीबीएल कंपनी मजबूर है और जनता लाचार। मामले में जिलाधिकारी से भी हस्तक्षेप की मांग की गई है, लेकिन कब तक पूरी होती है कुछ कहा नहीं जा सकता।

29 मार्च को पूरा होना है काम, लेकिन हो नहीं पाएगा
टनकपुर से चम्पावत की ओर जाने वाली इस सडक़ का काम वर्ष 2017 में शुरु किया गया था और 29 मार्च 2021 को ये काम पूरा किए जाने की अंतिम तारीख है, लेकिन यकीन मानिए अपने तय समय में ये काम पूरा नहीं हो पाएगा। हालांकि आरजीबीएल कंपनी अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रही है, लेकिन प्रयास को खनन के डंपर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पहियों तले रौंदा जा रहा है। आरजीबीएल कंपनी के अफसरों की मानें तो अगर उनके काम में दखल न दिया जाए तो वह आज भी तय समय के भीतर काम कर खत्म कर सकते हैं।

ये हैं नई सडक़ निर्माण के नियम और हो ये रहा है
सबसे पहले यह जान लीजिए कि टनकरपुर-जौलजीवी मार्ग का पुर्ननिर्माण नहीं हो रहा है। ये नई सडक़ है और नया कटान है। कहने का मतलब की पुरानी सडक़ को नया नहीं किया जा रहा है। तो साहब नियम ये कहते हैं कि जिस कंपनी को नई सडक़ निमार्ण का ठेका दिया जाता है वो कंपनी सडक़ बनाती है और सडक़ तब तक आम लोगों के लिए नहीं खोली जाती, जब तक उसका निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता। हालांकि इससे पहले यानि सडक़ निर्माण के बाद इसके बारे में आरटीओ का अवगत कराया जाता है और रोड पीडब्ल्यूडी के हैंडओवर की जाती है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही सडक़ आम जनता और ट्रांसपोर्ट के लिए खोली जाती है। हालांकि निर्माणाधीन अवधि में स्थानीय आबादी इसका इस्तेमाल कर सकती है।

लोनिवि के ईई ने लिखा डीएम का खत
टनकपुर-जौलजीवी निर्माणाधीन सडक़ सडक़ से खनन सामग्री के ढुलान पर रोक लगाने के लिए परियोजना क्रियांवयन इकाई लोनिवि ठलीगाड़ के ईई ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि निर्माणाधीन टनकपुर-जौलजीवी मोटर मार्ग पर रिवर ट्रेनिंग के तहत वाहनों से खनन सामग्री का ढुलान किया जा रहा है। ये खनन सामग्री चूका के लधिया नदी से लाई जा रही है। खत में हवाला दिया गया कि पूरे काम को 29 मार्च 2021 तक खत्म किया जाना है, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और खनन वाहनों की वजह से यह संभव नहीं हो पा रही है। काम में खलल पैदा हो रहा है और ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से निर्माणाधीन सडक़ खराब हो रही है।

10 दिनों में हुआ 50 लाख से ज्यादा का नुकसान
आरजीबीएल कंपनी के निदेशक कौशल चौहान को पिछले 10 से 12 दिनों में करीब 50 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है और इसकी वजह है सरकार और प्रशासन की अनदेखी। लधिया नदी से भारी-भरकम वाहन खनन सामग्री ढो रहे है और इसे निर्माणाधीन सडक़ से ले जाया जा रहा है। इसकी वजह से न सिर्फ निर्माण कार्य में अवरोध पैदा हो रहा है, बल्कि ओवरलोड वाहनों की वजह से हमेशा जाम से हालात बने रहते हैं। इससे निर्माण में लगा तकनीकि स्टाफ भी रास्ते में फंस जाता है। भारी वाहन और जान की वजह से निर्माण में लगी डब्ल्यूएमएम, बीसी जैसी मशीनों को काम करने में परेशानी हो रही है। निदेशक कौशल चौहान ने इन सारी परेशानियों से निजात पाने के लिए शिकायत की है। ताकि तय समय पर काम पूरा हो सके।

सडक़ पर सफर करेंगे तो यकीन कीजिए मजा आएगा
आरजीबीएल कंपनी जो सडक़ बना रही है वो लाजवाब है। हम इसकी बात नहीं कर रहे है कि सडक़ को किन मानकों पर बनाया जा रहा है, लेकिन सडक़ बेहतरीन बन रही है और इसका अंदाजा आप तब तक नहीं लगा सकते, जब तक आप सडक़ पर सफर नहीं करेंगे। इस सडक़ के बन जाने से टनकपुर से चम्पावत की दूरी भले ही कम न हुई, लेकिन वक्त जरूर कम हुआ है। अब आप बिना रुके न सिर्फ इस सडक़ पर सुहाने सफर का मजा ले सकते है, बल्कि लंबी दूरी भी कम वक्त में तय कर सकते हैं।

फिलहाल पहले पहचान करेंगे साहब
अवैध खनन पर नकेल कसने की जिम्मेदारी खनन विभाग की होती है और खनन विभाग के अफसरों की पता है कि लधिया नदी में अवैध खनन किया जा रहा है। अवैध खनन कौन कर रहा है, ये भी अधिकारियों को पता है, लेकिन कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है। पूरे मामले पर अगर खान अधिकारी राज पाल लेघा की सुने तो वह कहते हैं कि विभाग अवैध खनन रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। अवैध खनन में स्थानीय लोग संलिप्त हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।

अभी निर्माणाधीन हैं तीन ब्रिज
निर्माणाधीन मार्ग का काम तब तक पूरा नही हो सकता, जब तक 3 ब्रिज का काम पूरा नही हो जाता। ये तीनों ब्रिज इसी रोड पर हैं और इनका निर्माण कार्य जारी है। इनमें से एक ब्रिज भवानी नाला पर बनना है और ये पुल 90 मीटर का स्टील पुल होगा। इसके अलावा लादीघाट और गौजीनाला पर 24-24 मीटर के दो पुल बनने हैं। कंपनी का दावा है कि उनके काम में हुए आर्थिक नुकसान का हर्जाना सरकार से लिया जाएगा।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here