– 15 हजार से ज्यादा कमाने वालों को देना होता था सर्वाधिक 31.25% टैक्स

बिजनेस डेस्क, डीडीसी। आपको पता है हमारे देश भारत में इनकम टैक्स यानी आय कर पहली बार कब वसूला गया था? क्या ये पता है कि उस वक्त जनता की कमाई पर कितने फीसदी टैक्स लगाया गया था? अगर नही पता तो हम आपको आज इसकी विस्तृत जानकारी देते हैं कि भारत में टैक्स की शुरुआत कब हुई और तब से लेकर अब तक टैक्स में कितना बदलाव हुआ है। हालांकि आपको जानकर हैरानी होगी कि पहली बार जितना टैक्स सरकार ने आपकी सालाना इनकम पर लिया था, आज उन पैसों का बाजार में कोई मोल नही हैं। तो आइए खोलते हैं ज्ञान का पिटारा।

वर्ष 14949-50 में तय हुई पहली बार दरें
आजादी के बाद भारत में पहली बार 1949-50 के बजट में इनकम टैक्स की दरें तय की गई। उस वक्त इनकम टैक्स ऐसा विषय था, जिसको लेकर हमेशा चर्चा होती रहती थी कि कितना टैक्स लिया जाए। इसे लेकर न देश में और न ही दुनिया कोई एक मानक था। बल्कि समय-समय पर ये बदलते रहते हैं।

10 हजार की कमाई पर 1 आना टैक्स
समय-समय पर टैक्स के बदलते नियमों के बीच एक दिलचस्प ये है कि टैक्स हर दौर में रहा है और ये अलग-अलग रूप में जनता से वसूला गया। आजादी के बाद भारत में पहली बार 1949-50 के बजट में इनकम टैक्स की दरें तय की गई। इस बजट के पहले 10 हजार की आमदनी पर 1 आने यानी 4 पैसे टैक्स चुकाना पड़ता था। जिसे घटाकर 10,000 रुपए तक की आमदनी पर 3 पैसे कर दिया गया। जबकि 10,000 रुपये से अधिक आय वालों पर टैक्स को 2 आने से कम करके 1.9 आना कर दिया गया।

1501 से 5000 की कमाई पर 9 पाई टैक्स
साल 1950 में 1,500 रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं चुकाना होता था, लेकिन इसके ऊपर एक रुपया भी अतरिक्त कमाने पर लोग आयकर के दायरे में आ जाते थे। मसलन 1,501 रुपये से 5,000 रुपये की सालाना आय पर 9 पाई टैक्स चुकाना होता था। यानी 4.69 फीसदी इनकम टैक्स।

इन पर 1 आना 9 पाई आयकर लगा
जिनकी आय 5,001 रुपये से 10,000 रुपये तक थी, उन्हें एक आना और 9 पाई इनकम टैक्स देना होता था यानी 10.94 फीसदी सालाना इनकम टैक्स चुकाना होता था। इसके अलावा जिन लोगों की आय 10,001 रुपये से 15,000 रुपये तक थी। उन्हें 21.88 फीसदी इनकम टैक्स चुकाना पड़ता था। जबकि 15,001 रुपये से अधिक आय वालों को 31.25% कर चुकाना होता था। इसके बाद 1955 में टैक्स में बदलाव किए गए।

तब से अब आमदनी बढ़ी और टैक्स थोड़ा घटा
भारत मे जब इनकम टैक्स की शुरुआत हुई उस समय सबसे छोटी रकम आना या पाई में गिनी जाती थी और बमुश्किल ही लोग उस दायरे को पार कर पाते थे, जो टैक्स के दायरे में आए। यानी साल का हजार रुपया कमाना भी उस वक्त आम इंसान के लिए ख्वाब जैसा था। हालांकि आज स्थिति बदल चुकी है। बदलाव की बात करें तो वर्ष 1950 में सरकार 15,00 से अधिक कमाने वालों से 31.25% टैक्स वसूलती थी। जबकि आज यानी 2021 में 15 लाख से अधिक कमाने वालों को 30% टैक्स भरना पड़ता है।यानी तब से आज हम 1.5% टैक्स कम भर रहे हैं, लेकिन आमदनी बढ़ी है।

आज क्या है भारत का इनकम टैक्स स्ट्रैक्चर
भारत में आज इनकम टैक्स में ढाई लाख रुपये की आय वालों को टैक्स फ्री रखा गया है। 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की आय वालों को 5 फीसदी इनकम टैक्स देना होता है। 5 लाख से 7.5 लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी इनकम टैक्स देना होता है। जबकि 7.5 लाख से 10 लाख रुपये तक की आय वालों को 15 फीसदी इनकम टैक्स चुकाना होता है। 10 लाख से 12.5 लाख रुपये तक आय पर 20 फीसदी, 12.5 लाख से 15 लाख रुपये तक आय वालों को 25 फीसदी इनकम टैक्स चुकाना पड़ता है। जबकि सालाना 15 लाख रुपये से अधिक कमाने वालों को 30 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता है।

क्या होता है इनकम टैक्स?
आपकी सालाना आय पर केंद्र सरकार जो कर वसूल करती है, उसे इनकम टैक्स कहते हैं. इसे हिंदी में आयकर लिखा और कहा जाता है. यह हर व्यक्ति की आय के अनुसार अलग-अलग दर से वसूल की जाती है. यही इनकम टैक्स व्यावसायिक संस्थाओं पर कॉरपोरेट टैक्स के रूप में वसूला जाता है।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here