– मौत के बाद भी आरोपी पर कार्रवाई की हिमाकत नहीं जुटा पा रही यूपी पुलिस

भरत गुप्ता (लखनऊ), डीडीसी। कोरोना काल में पाबंदियां इतनी हैं कि घर से निकलना दुश्वार है। गलती से निकल पड़े तो पुलिस की लाठी पिछवाड़ा लाल करा कर ही घर लौटे, लेकिन ये सारी पाबंदियां और ढकोसलेबाजी केवल और केवल आम जनता के लिए हैं। क्योंकि जब सीमाएं सील हैं तो भारतीय जनता पार्टी के राज्य सभा सांसद का बेटा अपनी अय्याशी के लिए बैंकॉक से कालगर्ल बुला लेता है। लोग कोरोना काल में पाई-पाई को मोहताज हैं और ये रईशजादा कॉलगर्ल पर लाखों खर्च कर देता, लेकिन अय्याशी का सामान कॉलगर्ल को कोरोना हो जाता है और उसकी मौत हो जाती है। जिसके बाद मामला खुलता है। चूंकि मामला भाजपा के एक राज्य सभा सांसद से जुड़ा है तो घटना के दो दिन गुजर जाने के बाद भी जनता का पिछवाड़ा लाल करने वाली उत्तर प्रदेश पुलिस सरकार के सामने दहाडऩे की हिम्मत नहीं जुटा पा रही। मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ा है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला है क्या? dakiyaa.com खबर की पुष्टि नही करता।सांसद संजय जैन के बेटे ने 7 लाख में बुलाई कॉलगर्ल
हम उत्तर प्रदेश के जिस बड़े व्यापारी और राज्य सभा सांसद की बात कर रहे हैं, उसका नाम संजय सेठ और ये शालीमार ग्रुुुप के मालिक हैं। राजनीतिक गलियारे में अलग ही हनक रखने वाले इस शख्स के बेटे ने थाईलैंड बैंकॉक से कालगर्ल बुलाने के लिए पूरे 7 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके लिए संजय सेठ के बेटे ने राजस्थान के एक ट्रैवल एजेंट से संपर्क किया था। इसी एजेंट के जरिये कॉलगर्ल था थाईलैंड से दिल्ली और फिर लखनऊ पहुंची। वो यहां दस दिन तक रही।

लखनऊ पहुंचने के दो दिन बाद ही पॉजिटिव हो गई
लखनऊ पहुंचने के दो दिन बाद ही युवती की तबियत बिगड़ गई। इससे पहले संजय सेठ का बेटा उसे लखनऊ की पॉश कालोनी स्थित अपने घर भी ले गया था। तबियत ज्यादा बिगड़ी तो रईशजादे ने खुद इसकी जानकारी थाईलैंड एंबेसी को दी। एंबेसी के हस्तक्षेप पर 28 अप्रैल को उसे लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसमें कोरोना की पुष्टि हुई और 3 मई को उसकी मौत हो गई। जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को खबर की।

रईशजादे के दोस्त और परिवार कोरोना पॉजिटिव
सूत्रों की मानें युवती की मौत के बाद जब मामला खुला तो हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में संजय सेठ, उनके रईशजादे समेत पूरे परिवार का कोरोना टेस्ट कराया गया और सभी पॉजिटिव पाए गए। इतना ही नही रईशजादे के दोस्त भी उक्त युवती के संपर्क में आए थे। पता लगने पर इन दोस्तों का भी टेस्ट कराया गया और वो सभी दोस्त भी पॉजिटिव निकले, जो युवती के संपर्क में आए थे। अब सभी का इलाज चल रहा है और बावजूद इसके कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

संजय सेठ की हनक पर एक नजर
सब कुछ आइने की तरह साफ है, लेकिन अभी तक उत्तर प्रदेश पुलिस के हाथ रईशजादे के गिरेबां तक नहीं पहुंचे हैं और इसकी वजह है रईशजादे के पिता संजय सेठ की राजनीतिक गलियारे में हनक। मौजूदा वक्त में संजय भाजपा के राज्य सभा सांसद हैं और हनक का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि संजय का नामांकन कराने खुद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पहुंचे थे। इससे पहले संजय समाजवादी पार्टी से भी राज्य सभा सांसद थे। संजय सपा में कोषाध्यक्ष भी रह चुके हैं।

सपा ने ट्वीट की मोदी के साथ फोटो
इस पूरे मामले में अब समाजवादी पार्टी भाजपा पर हमलावर हो चुकी है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह संजय सेठ का एक फोटो ट्वीट किया है। जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुस्कुराते हुए हाथ मिलाते दिखाई पड़ रहे हैं। आईपी सिंह ने लिखा है कि दुनियाभर में चल रही महात्रासदी के बीच थाईलैंड से कॉलगर्ल बुलाई गई, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गई। क्या यूपी पुलिस में हिम्मत है कार्यवाही करने की? जांच करने की?

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here