चार साल से फरार अक्षय पर घोषित था 20 हजार का इनाम

देहरादून, डीडीसी। उत्तराखंड पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी तब लगी, जब देहरादून के लालतप्पड़ चार साल पुराने किडनी कांड के आरोपी अक्षय राउत को असम से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अक्षय बीते 4 सालों से फरार चल रहा था, जिस पर 20 हज़ार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया था।

नाम बदल कर रह रहा था आरोपी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी अक्षय असम, बेंगलुरु, तिरुपति, पुणे जैसे इलाकों में नाम बदल-बदल कर रह रहा था और विभिन्न अस्पतालों में अपनी सेवाएं देता था, जिसकी सूचना पर देहरादून पुलिस ने आरोपी उसे गुवाहाटी से गिरफ्तार कर लिया। दूसरी तरफ कुमाऊं के दो ज़िलों में सेक्स रैकेट भी पकड़े गए।

अमीरों को बेचते थे गरीबों की किडनी
वास्तव में मामला देहरादून के सेंचुरी गंगोत्री चेरिटेबल अस्पताल से जुड़ा हुआ था, जहां आरोपी अस्पताल की आड़ में लोगों को लालच देकर किडनी निकाल लेते थे और अवैध रूप से अमीरों का किडनी ट्रांसप्लांट कराया जाता था। इस मामले में मुख्य आरोपी डॉ. संजय और उसकी पत्नी डॉ. सुषमा पहले ही साल 2017 में गिरफ्तार हो चुके थे।

17 लोगों की हुई थी गिरफ्तारी
पुलिस ने अक्षय के पिता अमित राउत समेत अभी तक 17 लोगों को गिरफ्तार किया था और मामले में अंतिम आरोपी अक्षय राउत तभी से फरार चल रहा था, अब जो पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।

चार साल पहले ऐसे हुआ था भंडाफोड़
अस्पताल की आड़ में किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट करने के खेल का भंडाफोड़ साल 2017 में हुआ था. जानकारी के मुताबिक आरोपी विदेशों के पीड़ितों को लाते थे और गरीब बेसहारा लोगों को मामूली लालच देकर किडनी निकाल कर बेचा करते थे. पुलिस ने इस मामले में छापेमारी कर कई आरोपियों को जेल भेजा था. साथ ही आरोपियों पर गैंगस्टर संबंधी धाराओं में भी कार्रवाई की, जिसमें अंतिम आरोपी अक्षय फरार चल रहा था. एसएसपी जन्मेजय खण्डूरी का कहना है कि अब जिन जिन अस्पतालों में अक्षय ने इन 4 सालों में प्रैक्टिस की है, उन सभी जगहों पर पूछताछ की जाएगी।

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