हल्द्वानी, डीडीसी। अय्याश हैं, नशेड़ी हैं और पेशेवर मुजरिम भी। अपनी ख्वाहिशों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए ये कुछ भी कर सकते हैं…कत्ल भी। ये वहीं लोग है, जिन्होंनेे जज के घर का ताला तोड़ने की हिमाकत की। हिमाकत इतनी कि कुछ ही दिन बाद चाकू की नोक पर एक ट्रक ड्राइवर को लूट लिया। अब ये सलाखों के पीछे है, और खाकी के सामने अपना जुर्म भी कबूल लिया है।
तीन आरोपी उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी बनभूलपुरा के रहने वाले हैं। इसमें फईम उर्फ
बब्लू, जुनैद उर्फ पप्पू और मो.उवेश उर्फ मुन्ना है। पुलिस को मुखबिर से खबर मिली थी और खबर सटीक थी। पुलिस ने इन तीनों को मंडी बाईपास रोड से गिरफ्तार किया। तीनों कमर में चाकू खोंसकर घूम रहे थे। इन्होंने पहली वारदात के लिए एक जज के घर को चुना। जजी में रहने वाले जज अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने गांव गए थे। घर में ताला था और बीती 13 नवंबर की रात इन शातिरों ने ताला तोड़ दिया। बेधड़क घर में घूसे नगदी, सोने-चांदी जेवर, 20 कारतूस समेटे और चलते बने। इस वारदात की खबर 17 नवंबर को बाहर आई तो शहर में हलचल मच गई। क्योंकि मामला एक जज से जुड़ा था। कुछ दिनों बाद ही इन शातिरों ने बड़ी मंडी में लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। इज्जतनगर बरेली उ.प्र. का रहमत ट्रक में सो रहा था। ट्रक मंडी के पास बाईपास पर खड़ा था। सो रहे रहमत के गले पर चाकू अड़ा दिया और हजारों रूपए लूट लिए। ऐसे में पुलिस पर दवाब बढ़ गया। दोनों मामलों के खुलासे की जिम्मेदारी कोतवाल संजय कुमार और उनकी टीम को दी गई। नतीजतन पुलिस का मुखबिर तंत्र काम आया। खबर मिली की तीन शातिर मंडी बाईपास रोड पर घूूम रहे है। बगैर समय गवाएं टीम रवाना हुई और शातिरों को धर दबोचा। जामातलाशी हुई तो कमर में खुंसे तीन चाकू भी तीनों से बरामद हो गए। इस मामले का खुलासा आज सीओ हल्द्वानी भूपेन्द्र सिंह धौनी ने मीडिया के सामने किया। बताया कि आरोपी लूट और चोरी का माल समेट तो लेते थे, लेकिन समस्या थी माल ठिकाने कहां लगाया जाए। ऐसे में शातिरों ने गौला नदी किनारे के जंगल को सुरक्षित ठिकाना बना लिया। लूट और चोरी का माल इसी जंगल में दफनाते और जैसे ही कोई अच्छा सौदा मिलता माल जंगल से निकालते और बेच देते थे। चूंकि जंगल में किसी का आना जाना नहीं था तो माल पूरी तरह सुरक्षित रहता था। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में दफन सारा का सारा माल बरामद कर लिया है।

39 का शातिर, 24 का जोश और 20 का नौसिखिया
गैंग में अनुभव, जोश तो था ही साथ ही एक ऐसा नौसिखिया भी था जो गैंग को आगे बढ़ता। इनमें से 39 साल का पफईम सबसे उम्रदराज और कई जघन्य वारदतों को अंजाम दे चुका था। इन वारदतों में एक हत्या भी शामिल है। जबकि जुनैद की उम्र 24 साल है और वारदतों के वक्त शिकार को दबोचने की जिम्मेदारी उठाता है। वहीं उवेस सिपर्फ 20 साल का है, और इनके साथ वारदतों में ना सिर्फ बढ़चढ़ हिस्सा लेता है बल्कि अपराधों के तौर तरीके भी सीखता है। इनका अपराधिक इतिहास और भी है, जिन्हें पुलिस अपने दस्तावेजों में खंगाल रही है।

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