– किसी भी दिन कई मौतों की वजह बन सकता है सूखा पेड़

मेरठ, डीडीसी। बड़े फैसले लेने के लिए देश भर में योगी राज की चर्चा है, लेकिन पता है कि योगी राज के होनहार अफसर एक सूखा पेड़ नही उखाड़ पा रहे है। जबकि पेड़ कभी भी कई मौतों की वजह बन सकता है। वो तब जब मौसम आंधी, तूफान और बारिश का हो। जाहिर है पेड़ तो हटेगा, लेकिन असफर तब चेतेंगे जब कोई हादसा होगा। इस मामले को लेकर एक शख्स कई महीनों से विभागों के चक्कर काट रहा है। वो चाहता तो सूखा पेड़ खुद उखाड़ लेता, लेकिन काम कानून के दायरे में रह कर हो तो बेहतर। मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है।

6 महीने से लग रहे अफसरों के चक्कर
राजीव कुमार अग्रवाल का यहां हसनपुर कदीम में प्लॉट है। जिसमें एक कारखाना संचालित होता है। टीन शेड की छत वाले इस कारखाने पर एक सूखा पेड़ डर की वजह बना है। डर मौत है। क्योंकि कारखाने में कई लोग काम करते हैं और अगर किसी दिन कारखाने पर टिका पेड़ गिरा तो बड़ा हादसा तय है। किसी की जान नही भी गई तो लाखों का नुकसान राजीव को झेलना होगा और ये भी तय है कि उसी दिन वन विभाग अपनी धराशायी सम्पति पेड़ लेने पहुंच जाएगी।

एक पेड़, हादसा और फिर मुआवजा
राजीव की मांग जायज है और वो इसलिए कि पेड़ सूखा हुआ है। अगर किसी हरे पेड़ को हटाने या काटने का मसला होता तो व्यवधान की बात समझ आती, लेकिन इस मसले में ऐसा कुछ नही है। बावजूद इसके 6 महीने से वन विभाग के अफसरों के चक्कर लग रहे हैं। सोचिए कि अभी सिर्फ सूखा पेड़ हटाना है, लेकिन अगर ये पेड़ हादसे की वजह बना तो। कारखाने को नुकसान होगा, कारखाने में रखे लाखों के उपकरण और वहां काम कर रहे लोगों को नुकसान होगा। तब सरकार को मुआवजा भी भरना होगा, लेकिन अगर पेड़ हट जाए तो सारा मसला ही खत्म हो जाए।

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