– केंद्र सरकार ने तय किया त्रिवेंद्र के लिए नया काम, प्लान तैयार

नई दिल्ली, डीडीसी। 4 साल से उत्तराखंड में सीएम की कुर्सी संभाल रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत का इस्तीफा चर्चा में नही रहा, बल्कि चर्चा इस बात की थी कि इस इस्तीफे की वजह क्या है। ये वजह अब साफ हो चुकी है और बताया जा रहा है कि विधयकों की नाराजगी त्रिवेंद्र के इस्तीफे की वजह बना। इतना ही नही कुछ फैसलों को लेकर हाल ही में विधयकों ने खुल कर नाराजगी। ही जाहिर की थी। खैर, अब त्रिवेंद्र उत्तराखंड के सीएम नही हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके लिए नई कुर्सी का इंतजाम कर दिया है। अब त्रिवेंद्र सिंह रावत केंद्र में भूमिका निभाने वाले हैं। त्रिवेंद्र किस भूमिका में होंगे, ये जल्द ही पता लग जाएगा।

दुष्यंत ने बचाव भी किया
उत्तराखंड में कई विधायक, त्रिवेंद्र सिंह रावत के कामकाज के तरीके से खुश नही थे। यही वजह है कि त्रिवेंद्र को हटाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा उन पर प्रशासनिक तौर पर बहुत ज्यादा दक्ष न होने के भी आरोप लग रहे थे। हालांकि पर्यवेक्षक के तौर पर राज्य में विधायकों से बात करने वाले दुष्यंत गौतम ने इस बात से इनकार किया है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत के कामकाज से लोगों में या फिर पार्टी के विधायकों में किसी तरह की नाराजगी थी।

पहले भी केंद्र में काम कर चुके हैं त्रिवेंद्र
पूर्व में आरएसएस के प्रचारक त्रिवेंद्र सिंह रावत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2017 में उत्तराखंड में सीएम बनाते हुए पार्टी की लीडरशिप का त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर यह मानना था कि वह गुटबाजी से परे हैं और सूबे में नए नेतृत्व से असंतोष को दूर किया जा सकता है। हालांकि अनुभव की कमी के चलते त्रिवेंद्र सिंह रावत का विकल्प बहुत अच्छा साबित नहीं हुआ।

गले की हड्डी भी बन सकता है फैसला
सूबे में 2022 में चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में उन्हें हटाने का फैसला पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों हो सकता था। हालांकि काफी विचार-विमर्श के बाद बीजेपी ने उनसे इस्तीफा लेने का ही फैसला लिया। दुष्यंत ने कहा कि चुनावी साल में लोगों की अपेक्षाएं बहुत ज्यादा होती हैं। सीएम के खिलाफ किसी तरह का गुस्सा नहीं है। उन्होंने काफी अच्छा काम किया था। यहां तक कि कोरोना के दौर में भी उन्होंने यह सुनिश्चित किया था कि राज्य में कोई प्रशासनिक कामकाज न रुके।

सीएम की रेस में महाराज का भी नाम
फिलहाल राज्य के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर तीन नाम सबसे आगे चल रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल से लोकसभा सांसद अजय भट्ट और कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत में से किसी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। इसके अलावा सतपाल महाराज का नाम भी रेस मे शामिल है। उन्होंने हाल ही में संघ के प्रमुख नेताओं से इस सिलसिले में मुलाकात की थी।

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