चमोली, डीडीसी। जल प्रलय के बाद आपदा पीड़ितों से मुखातिब हुईं  पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती आपदा पीड़ितों का दुखड़ा सुन रहीं थीं। रेस्क्यू से नाराज लोग स्थानीय प्रशासन की शिकायत कर रहे थे और संवाद के बीच बार-बार एसडीएम और तहसीलदार की दखलंदाजी से उमा नाराज हो गईं। लोगों के सामने ही उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को जमकर फटकार लगाई और झल्लाते हुए कहा कि तुरंत यहां से चले जाओ। आइए जानते हैं और क्या कहा उमा भारती ने।

करोड़ों खर्च, पीड़ितों को कुछ नही मिला
आपदा प्रभावित रैणी गांव व तपोवन क्षेत्र के दौरे पर आईं पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती जब आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुन रही थीं, तभी उन्हें बताया गया कि आपदा के बाद से ही पूरी सरकार व प्रशासनिक अमला रैणी व तपोवन में डेरा डाले हुए हैं। आपदा के नाम पर करोड़ों की धनराशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन पीड़ि‍तों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। इसी बीच मौके पर पहुंचीं उपजिलाधिकारी जोशीमठ कुमकुम जोशी व तहसीलदार प्रदीप रावत को उमा ने जमकर फटकार लगाई और तुरंत वहां से चले जाने को कहा। उन्होंने कहा, जब तक मैं प्रभावितों की समस्याएं सुन रही हूं, तब तक प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा यहां पर नहीं आना चाहिए।

पीड़ितों को भरोसा, सरकार से करेंगी बात
उमा ने अधिकारियों से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट में लापता हुए व्यक्तियों के बारे में भी जानकारी जुटाई। स्थानीय महिलाओं ने उनसे सर्च आपरेशन में देरी की शिकायत करते हुए इस पर कड़ी नाराजगी जताई। इस पर उमा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वह प्रदेश व केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर बात करेंगी। उन्होंने तपोवन में भी आपदा प्रभावितों से मुलाकात की और एनटीपीसी के बैराज स्थल पर जाकर रेस्क्यू कार्यों के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही एनटीपीसी के अधिकारियों व रेस्क्यू में जुटे जवानों को जल्द से जल्द लापता व्यक्तियों की तलाश करने को कहा।

उमा ने गौरा की प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प
उमा भारती रैणी गांव स्थित चिपको नेत्री गौरा देवी के स्मृति स्थल भी गईं और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। उमा ने कहा कि गौरा देवी की भूमि में आई जल प्रलय से वह काफी दुखी हैं। जिस धरती से पर्यावरण को बचाने की मुहिम छेड़ी गई हो, वहां ऐसी आपदा देखकर मन का दुखी होना स्वाभाविक है।

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