– योगी राज में न हुई जांच न पता लगा कैसे हुई मौत

भरत गुप्ता, डीडीसी। अब ये भी नही कह सकते कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के उन्नाव (Unnao) में मौतों (Death) का जो सिलसिला चल निकला है, उसके पीछे कोरोना का हाथ है। मौतें एक-दो नही बल्कि सिलसिलेवार। पहले दिन सर्दी और जुखाम के साथ बुखार आता है, दूसरे दिन सांस फूलने लगती है और तीसरे दिन मौत हो जाती है। आलम ये है कि पिछले 3 दिनों में ऐसे ही लक्षण वाले 70 लोगों की मौत हो गई। डेढ़ महीने पहले उन्नाव जिले के तीन गांवों में मौत का ये सिलसिला ऐसा चला कि थमा ही नही। कोरोना से मौत का दावा यहां कोई नही कर सकता और इसकी वजह है योगी सरकार। योगी सरकार ने न तो मौत के पीछे की वजह पता करने की कोशिश की और न ही किसी की कोविड जांच कराई। आलम ये है कि अब भी उन्नाव के कई गांवों में मौत का तांडव जारी है।

इन तीन गांवों में हो रहा मौत का तांडव
प्रशासन भले दावा करे कि कोरोना आने के सवा साल में सिर्फ 188 लोगों की मौत हुई है, लेकिन बीघापुर तहसील के टेढ़ा गांव, पुरवा तहसील के पाठकपुर और सेमरी गांव की तबाही इस बात की तस्दीक करती हैं कि आंकड़ों में बड़ा खेल जरूर हुआ है। इन तीनों गांवों में कोरोना के दूसरे फेज में 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

एक-एक घर में तीन-तीन मौतें हुईं
बीघापुर तहसील के टेढ़ा गांव में मौत कहर बनकर बरस रही है। महज डेढ़ माह में यहां 40 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। एक-एक घर में तीन-तीन मौतें हुईं और अफसोस ये की मौत की वजह आज तक साफ नही हुई। इतनी सारी मौतों के बाद भी आज तक मेडिकल टीम गांव नही पहुंची। गांव वाले भी कोरोना को लेकर इतना दहशत में हैं कि वो भी जांच कराने को राजी नही हैं। जबकि लगातार हो रही मौतों के पीछे संभावित लक्षण कोरोना जैसे ही हैं। ऐसा हो हाल पुरवा तहसील के सेमरी व पाठकपुर गांव का भी है।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here