– 4 करोड़ 15 लाख के बकाया न देने पर सील किया गया दफ्तर

रुड़की, डीडीसी। उत्तराखंड ने अपने बड़े पुराने बकाएदार उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग पर बड़ी कार्यवाही की है। प्रशासन ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के रुड़की कार्यालय को सील कर दिया है। सिंचाई विभाग 4 करोड़ 15 लाख रुपये का कर्जदार है। जब बार-बार कहने के बाद भी विभाग की ओर से पैसा नही लौटाया गया तब जाकर सीलिंग की कार्यवाही की गई।

1984 से पैसा मारकर बैठा था विभाग
मामला वर्ष 1984 में नहर निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। सिंचाई विभाग ने नहर निर्माण के लिए किसानों की जमीन ली, लेकिन बदले में मुआवजा नही दिया। मुआवजे की कुल रकम 4.15 करोड़ रुपये है। अब जब प्रशासन ने सीलिंग की कार्यवाही कर दी है, तब जाकर सिंचाई विभाग में खलबली मची है। सिंचाई विभाग का कहना है कि वह इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता चल रही है।

मलकपुर लतीफपुर में अधिग्रहण की थी जमीन
रुड़की में हरिद्वार हाईवे पर मलकपुर चुंगी के पास उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का कार्यालय है। इस कार्यालय से हरिद्वार में बनी गंगनहर, वीआईपी घाट आदि की व्यवस्था देखी जाती है। वर्ष 1984 में विभाग ने नहर निर्माण के लिए मलकपुर लतीफपुर में ग्रामीणों की जमीन का अधिग्रहण किया था। जमीन लेने के बाद ग्रामीणें को पैसा नहीं दिया गया।

डीएम कार्यालय ने भरी मुआवजे की रकम
जब बार-बार की गुहार के बाद भी सिंचाई विभाग ने ग्रामीण को मुआवजे की रकम नही दी तो किसान कोर्ट में चले गए। कोर्ट ने प्रशासन को मुआवजा देने के आदेश दिए। जिसके बाद डीएम कार्यालय से किसानों को मुआवजा दे दिया गया। किसानों का काम तो हो गया और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग अब सीधे तौर पर उत्तराखंड प्रशासन का कर्जदार हो गया।

और फिर हुआ सिंचाई विभाग पर एक्शन
नियमतः अब यूपी सिंचाई विभाग को जिलाधिकारी कार्यालय को पैसा भरना चाहिए था, लेकिन ऐसा हुआ नही। डीएम दफ्तर की ओर से बकाया4.15 करोड़ रुपये चुकाने जे लिए कई बार कहा गया, लेकिन वह नही माना। जिसके बाद सोमवार को विशेष भूमि अध्यापित अधिकारी कार्यालय से संग्रह अमीन अमरदीप गर्ग, रुड़की तहसील की टीम के साथ यूपी सिंचाई विभाग के कार्यालय पहुंचे और दफ्तर सील कर दिया।

अधिशासी अभियंता कार्यालय को नही किया सील
सोमवार को हुई इस कार्यवाही में अधिकारियों और कर्मचारियों के कक्षों को सील कर दिया गया। इस दौरान कर्मचारी बाहर परिसर में आ गए। हालांकि अधिशासी अभियंता कार्यालय को सील नही किया गया। बाकी अन्य अभियंताओं और कर्मचारियों के कार्यालय पर सील लगाकर ताला लगा दिया गया। बताया जा रहा कि अगर अब भी बकाये का भुगतान नही किया जाता तो अधिशासी अभियंता कार्यालय को भी ताला लगा दिया जाएगा।

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