– अपनी सरकार में अपने अफसरों के खिलाफ धरने पर बैठे विधायक

भरत गुप्ता, लखनऊ। पंचायत चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मिली करारी हार के जिम्मेदार योगी सरकार के ही अफसर हैं। तभी तो नतीजे घोषित होने के बाद योगी सरकार के सांसद और विधयकों ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सांसद ने ट्वीट कर नाराजगी जताई तो 5 विधायक एटा में धरने पर बैठ गए। नतीजा दो दिन तक चले धरने के बाद अफसरों ने एटा जिले में एक प्रत्याशी को विजय प्रमाणपत्र थम दिया। हालांकि योगी के नेता इससे खुश नही हैं और वो एटा की 27 की 27 सीटों पर रिकाउंटिंग की मांग पर अड़े हैं। कुल मिला हम तो ये कहेंगे कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार है, अफसरान की तैनाती भी सरकार के हाथ में है, पंचायत चुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा भी इन्हीं अफसरान पर है। अब पता नही सही क्या है…ये फैसला वोट देने वाली जनता करे। मामला अलीगढ़ मंडल के एटा जिले का है।

2 घंटे काउंटिंग से बाहर किए गए भाजपा एजेंट
धरने में बैठे दर्जा प्राप्त मंत्री व MLC धर्मवीर ने आरोप लगाया कि काउंटिंग के दौरान भाजपा के एजेंटों को 2-2 घटों के लिए बाहर किया गया। 5 सौ वोट 5 घंटे में गिने जा रहे थे और 2 घंटे में भाजपा प्रत्याशी हजार-डेढ़ हजार वोट से पीछे कर दिए। आखिर एजेंट्स के हटते हो काउंटिंग की रफ्तार इतनी तेज कैसे हो गई। जबकि प्रत्याशी, एजेंट बाहर किए जाने से पहले आगे चल रहे थे और दो घंटे में ही हार गए। इसके लिए जिले के DM और सारे अधिकारियों को कसूरवार ठहराया गया है।

जीत का सर्टिफिकेट, कटघरे में अफसर
आरोप ये भी है काउंटिंग के दौरान हुई धांधली की जानकारी उसी समय जिलाधकारी को दी, लेकिन शिकायत को तव्वजों नही मिली। दो दिनों तक भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायकों की डीएम से मीटिंग होती रही। उल्टा डीएम से जवाब मिला कि विधायकों को फर्जी खबर मिली है। अब जब दो दिन तक धरना चला और मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया तो अचानक अधिकारी बैकफुट पर आ गए। आज यानी 5 मई को एटा के वार्ड 10 से भाजपा प्रत्याशी को जीत का सर्टिफीकेट दे दिया गया। इसका तो यही मतलब है कि अधिकारियों ने धांधली कराई है या फिर ये कि अधिकारियों ने दबाव में जीत का सर्टिफीकेट थमा दिया।

राजधानी में सरकार के सांसद ने खड़े किए सवाल
भाजपा सांसद कौशल किशोर ने भी पंचायत चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। उन्होंने बाकायदा ट्वीट कर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा, ‘ लखनऊ के बार्ड 8, 18 और 19 में गड़बड़ी की गई है। इन वार्डों में जो प्रत्याशी जीते, उन्हें सर्टिफिकेट ही नही दिया गया। ये सर्टिफिकेट उन्हें बांट दिए गए जो चुनाव हार चुके थे। ऐसे में रिकाउंटिंग होनी चाहिए।

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