– धोखाधड़ी के एक मामले में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया था दरोगा

ऋषिकेश, डीडीसी। एक लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गए दरोगा हेमन्त खंडूरी की गर्दन कसती जा रही है। इस मामले में बीती देर रात सीबीआई ने दरोगा के ऋषिकेश स्थित आवास पर छापेमारी की। देर रात हुई इस छापेमारी में सीबीआई की टीम ने दरोगा के घर का कोना-कोना छाना। बताया जा रहा है कि यहां से सीबीआई की टीम को एक डायरी मिली है और सूत्रों की मानें तो इस डायरी में काफी कुछ ऐसा है जो खंडूरी को बुरी तरह फंसा सकती है। खंडूरी के धोखाधड़ी के एक मामले की जांच थी। जिसका मुकदमा देहरादून कैंट कोतवाली में दर्ज है। इस मामले में खंडूरी रिश्वत लेने चंडीगढ़ जा पहुंचा, जहां रंगेहाथ धर लिया गया।

चंडीगढ़ में रंगेहाथ पकड़ा गया था दरोगा
आरोप है कि एसएसआइ हेमंत खंडूड़ी ने धोखाधड़ी के मामले के एक आरोपी से 5 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी और आरोपी को भरोसा दिलाया था कि पैसा देने के बाद उसे मामले से बाहर निकल लिया जाएगा। हालांकि 5 लाख में बात नही बनी और फिर बाद में 1 लाख में सौदा तय हुआ। सीबीआई टीम ने चंडीगढ़ में खंडूरी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में सीबीआई टीम शनिवार की रात करीब 9:30 बजे ऋषिकेश कोतवाली पहुंची। यहां आवश्यक औपचारिकता पूर्ण करने के बाद टीम पुलिस चौकी श्यामपुर पहुंची।

रात पौने 10 बजे पहुंची सीबीआई
चौकी प्रभारी शांति प्रसाद चमोली से बातचीत के बाद रात करीब 9:45 बजे सीबीआई की टीम ने गुमानीवाला श्यामपुर गली नंबर 28 स्थित वरिष्ठ उपनिरीक्षक हेमंत खंडूड़ी के आवास पर दबीश दी। घर पर खंडूड़ी की मां मौजूद थी। बताया जा रहा है छानबीन के साथ सीबीआई ने खंडूरी की मां से भी कुछ सवालों के जवाब लिए।

एक घंटे तक चलती रही छानबीन
सीबीआइ के निरीक्षक सुनील लखेड़ा के नेतृत्व में सीबीआई के चार सदस्य इस टीम में शामिल थे। इनके अतिरिक्त दो महिला कांस्टेबल ऋषिकेश कोतवाली के टीम में शामिल किए गए। करीब एक घंटा सीबीआई टीम वरिष्ठ उपनिरीक्षक खंडूड़ी के घर के अंदर रही। जहां उन्होंने पूरे घर की छानबीन की। इस दौरान कोई खास चीज इनके हाथ नहीं लगी। जानकर सूत्रों के मुताबिक, एक डायरी सीबीआइ टीम अपने साथ ले गई है।

बर्खास्त किया जाएगा दरोगा: डीजीपी
इस मामले में डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें रिश्वतकांड की जानकारी विभिन्न सूत्रों के हवाले से मिली है। अधिकारिक रूप से उत्तराखंड पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं आई है। लेकिन, यदि इसमें कुछ भी सच्चाई हुई तो दरोगा को बर्खास्त किया जाएगा। यह बहुत ही निंदनीय है।

फरार कबूतरबाज को पकड़ने गया था दरोगा
मुकदमा आठ दिसंबर 2020 को दर्ज किया गया था। कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि कुछ लोगों ने फर्जी कंपनी बनाकर विदेश भेजने के नाम पर 20 से 25 लाख रुपये ठगे हैं। इस मामले में तीन मार्च को लक्ष्मीनारायण उर्फ विनोद उर्फ निर्मल सिंह निवासी कलायत, कैथल हरियाणा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने चंडीगढ़ निवासी एक साथी का और नाम बताया था। इसी फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी कराया और एसएसआई हेमंत खंडूरी को चंडीगढ़ भेजा।

--Advertisement--

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here