– कुंभ में तैनात सिपाही के साथ उत्तराखंड पुलिस की हैवानियत

बागेश्वर, डीडीसी। गणेश उत्तराखंड पुलिस का सिपाही था। नैनीताल में तैनाती थी और कुंभ ड्यूटी कर रहा था। जहां उसकी मौत हो गई। तीन दिन बाद उसकी लाश बिस्तरबंद में अपने घर पहुंची। बिस्तरबंद खुला तो सड़ी लाश से बदबू फैलने लगी। बदबू ऐसी कि विलाप कर रहे घर वाले अपने लाल को आखिरी बार कलेजे से भी नहीं लगा पाए। हाये री उत्तराखंड पुलिस जो अपने ही सिपाही को आखिरी वक्त में एक ताबूत तक नसीब नहीं करा पाई। उल्टा सपफाई में जुट गई।

कार में मिली थी गणेश की लाश
हरिद्वार कुंभ ड्यूटी पर तैनात गणेश नाथ रायवाला स्थित एक होटल में रूके थे। बीती 28 मार्च को गणेश की लाश एक कार में पड़ी मिली थी। मौत की वजह जानने के लिए लाश को एम्स भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव मेला प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया। बताया गया कि गणेश की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई।

30 मार्च को बागेश्वर पहुंचा गणेश का शव
गणेश नाथ बागेश्वर के गरूड़ का रहने वाला था। पोस्टमार्टम के तीन दिन बाद 30 मार्च को गणेश का शव गरूड़ पहुंचा। शव बिस्तरबंद से लिपटा हुआ था। चूंकि शव का पोस्टमार्टम हुआ था, तो उसी प्रोटोकाॅल के तहत ताबूत में शव लाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बिस्तरबंद में तीन दिन तक बंद रहने की वजह से शव सड़ा और बदबू आने लगी।

पुलिस बोली, बिस्तरबंद में नहीं भेजा शव
बिस्तरबंद में शव घर भेजने की बात से उत्तराखंड पुलिस ने सापफ इंकार कर दिया। डीआईजी लाॅ एंड आॅर्डर एवं पुलिस हेडक्वाटर के प्रवक्ता नीलेश आनंद भरणे का कहना है कि शव को पूरे सम्मान के साथ सिपाही के घर पहुंचाया गया। जहां तक शव के सड़ने की बात है तो संभवतः गर्मी की वजह से ऐसा हुआ होगा।

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