– सुबह पौने 5 बजे मिली पहली लाश

चमोली, डीडीसी। चमोली में आई आपदा को आज कई दिन गुजर चुके हैं। गुजरते दिनों के साथ टनल में फंसे लोगों के जिंदा बचे रहने की उम्मीद भी दम तोड़ती जा रही है। उस पर अब टनल से लाशों के मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है। आज टनल में भोर की शुरुआत भी लाश मिलने के साथ ही हुई। रेस्क्यू टीम ने टनल से 5, रैणी से 6 और 1 लाश रुद्रप्रयाग से बरामद की है। रेस्क्यू अभियान जोरों पर है और बचाव दल को अभी भी उम्मीद है कि फंसे लोग जिंदा हो सकते हैं।

विष्णुगाड़ की टनल में ड्रिल कर निकाले गए शव
चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र में ऋषिगंगा की बाढ़ में तबाह हुई एनटीपीसी की 520 मेगावाट की तपोवन विष्णुगाड़ परिरयोजना की टनल में ड्रिलिंग कर दो शवों को बरामद कर दिया गया है। इनकी शिनाख्त आलम सिंह पुत्र सुंदर सिंह निवासी ल्वैल गुल्लर नरेंद्रनगर, टिहरी उत्तराखंड और अनिल पुत्र भगतू निवासी डाडवली समल्टा कालसी देहरादून उत्तराखंड के रूप में हुई है।

सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर मिली पहली लाश
टनल के अंदर रेस्क्यू में जुटी एनडीआरएफ की टीम ने पहला शव तड़के 4:45 बजे व दूसरा शव सुबह 5:50 बजे परियोजना की इंटेक एडिट टनल से बरामद किया। इस टनल में सात फरवरी से ही रेस्क्यू आपरेशन चल रहा है। जिन दो व्यक्तियों के शव टनल से बरामद हुए हैं। उनकी घटना के दिन से ही मलबे में दबे होने की संभावना जताई जा रही थी।

ड्रोन की मदद से हो रही लापता की तलाश
रेस्क्यू टीम द्वारा ड्रोन कैमरे की मदद से टनल के अंदर लापता व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। चमोली की जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया व पुलिस कप्तान यशवंत सिंह चौहान ने टनल के अंदर जाकर रेस्क्यू कार्यों का जायजा लिया। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि टनल के अंदर रेस्क्यू कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।

लापता लोगों के जीवित होने की संभावना से इंकार नही
जिलाधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ सहित अन्य टीमें रेस्क्यू में जुटी हुई है। टनल के अंदर फंसे व्यक्तियों के जीवित होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। यदि टनल के अंदर कोई जीवित व्यक्ति बरामद होता है तो उसका तत्काल उपचार मौके पर मौजूद मेडिकल टीम करेगी। यदि हालत नाजुक हुई तो यहां पर बनाए गए अस्थाई हेलीपैड पर उपलब्ध हेलीकाप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा।

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