– पढ़िए वेलेंटाइन-डे का इतिहास, कौन हैं वैलेंटाइन और कब हुई इस दिन की शुरुआत

सर्वेश तिवारी, डीडीसी। वेलेंटाइन-डे (Valentine’s Day) को लेकर दुनियाभर के युवाओं में उत्साह देखने को मिलता है। इसे आम तौर पर प्यार का इजहार (expressing love) करने का दिन माना जाता है, लेकिन बहुत से लोगों को यह नहीं मालूम होता कि आखिर क्यों इस दिन को खास महत्व क्यूं है। आखिर इसके पीछे क्या इतिहास जुड़ा है और क्यों इसे वेलेंटाइन-डे के रूप में मनाया जाता है। अपनी इस रिपोर्ट में हम आपको कुछ इसी तरह की जानकारियों से अवगत कराएंगे।

रोम के राजा को खटकते थे वेलेंटाइन
वेलेंटाइन-डे के बारे में ‘ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन’ की किताब में जिक्र किया गया है। इसमें बताया गया है कि यह दिन रोम (Rome) के पादरी संत वेलेंटाइन (Pastor Saint Valentine) को समर्पित है। उनके बारे कहा जाता है कि 270 ईसवी में संत वैलेंटाइन हुआ करते थे, जो प्रेम (Love) को बहुत बढ़ावा देते थे। वहीं उस समय रोम के राजा प्रेम संबंधों के सख्त विरोध में थे। संत वेलेंटाइन के बारे में यह बातें रोम के राजा को खटकती थीं, क्योंकि वह प्रेम विवाह में विश्वास नहीं रखते थे।

राजा ने लगा दिया था सैनिकों की शादी पर प्रतिबंध
रोम के राजा क्लाउडियस का यह मानना था कि प्रेम या किसी के प्रति झुकाव के चलते सैनिकों का ध्यान भंग होता था और रोम के लोग सेना में भर्ती नहीं होना चाहते थे। ऐसे में क्लाउडियस के रोम में सैनिकों की शादी और सगाई पर पाबंदी लगा दी गई। यह बात संत वेलेंटाइन को बिल्कुल पसंद नहीं आई और उन्होंने इसके खिलाफ आवाज उठाकर विरोध जताया। इतना ही नहीं, संत वेलेंटाइन ने रोम के राजा के निर्णय के विरुद्ध जाकर शादियां भी कराईं।

14 फरवरी को फांसी पर चढ़ा दिए गए वेलेंटाइन
रोम का राजा प्यार के खिलाफ था और संत वेलेंटाइन प्यार के पक्षधर। जब राजा को यह पता लगा कि संत वेलेंटाइन ने उनके खिलाफ जा कर बड़ी संख्या में लोगों की शादियां करा दी तो वह क्रोधित हो गया। राजा ने वेलेंटाइन को कैद कर लिया और14 फरवरी के दिन संत वेलेंटाइन को फांसी (Hanging) पर चढ़ा दिया गया था। तब से संत वेलेंटाइन की याद में 14 फरवरी को वेलेंटाइन-डे सेलिब्रेट किया जाने लगा।

वेलेंटाइन का पत्र पढ़कर लौट आई जेलर की बेटी की आंख की रोशनी
जब संत वेलेंटाइन को जेल (Jail) में बंद थे, तब उन्होंने वहां से जेलर (prison guard) की बेटी को एक लैटर (Letter) लिखा, जो देख नहीं सकती थी और उन्हें बहुत मानती थी। इस लैटर के आखिर में संत ने ‘फ्रॉम योर वेलेंटाइन’ भी लिखा था। ब्रिटिश वेबसाइट की मानें तो जेलर की बेटी की आंखों में संत वेलेंटाइन की प्रार्थना से चमत्कार के रूप में रोशनी आ गई।

वर्ष 496 में मनाया गया पहला वेलेंटाइन-डे
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक वर्ष 496 में पहला वेलेंटाइन-डे मनाया गया था। वेलेंटाइन-डे की शुरुआत रोमन फेस्टिवल (Roman festiva) से हुई थी। 5वीं शताब्दी के अंत तक, पोप गेलैसियस (Pope Gelasius) ने 14 फरवरी को वेलेंटाइन-डे घोषित कर दिया था, तभी से यह मनाया जाने लगा। रोमवासियों का लुपर्केलिया नामक एक त्योहार फरवरी के मध्य में मनाया जाता था, इस दिन सामूहिक विवाह होते हैं।

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