– सभी सीटों पर कांग्रेस छात्र इकाई NSUI का कब्जा

भरत गुप्ता, डीडीसी (वाराणसी)। पूरे देश से कांग्रेस का सूपड़ा साफ करने की कसम खा चुकी भारतीय जनता पार्टी अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय शहर वाराणसी में ही अपनी लाज नही बचा पाई। यहां भाजपा और कांग्रेस छात्र इकाइयों के बीच हुए चुनाव में भाजपा छात्र इकाई ABVP का सूपड़ा साफ हो गया। जबकि कांग्रेस छात्र इकाई NSUI ने सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया। इसे उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ बह रही बयार के तौर पर भी महसूस किया जा रहा है।

MLC हारे, छात्रसंघ हारे और अब संस्कृत यूनिवर्सिटी भी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एबीवीपी को बड़ा झटका लगा है। एमएलसी की दोनों सीटें और काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव हारने के बाद रविवार को भाजपा की छात्र इकाई एबीवीपी संस्कृत यूनिवर्सिटी की भी सभी सीटें हार गई है। संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी की सभी सीटों पर कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने कब्जा जमाया है। छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी की हार को भाजपा की हार माना जा रहा है। वाराणसी में भाजपा को लगातार यह तीसरा झटका लगा है।

NSUI के पदाधिकारियों ने दर्ज की बड़ी जीत
अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के कृष मोहन शुक्ला ने 442 वोट पाकर एबीवीपी के अजय दुबे (306) को 136 वोटों से हराया। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के अजीत कुमार चौबे ने 411 वोट हासिल कर एबीवीपी के चंद्रमौली तिवारी (343) को 68 वोटों से हराया। महामंत्री पद पर एनएसयूआई के शिवम चौबे ने 485 वोट हासिल कर एबीवीपी के गौरीशंकर गंगेले (266) को 219 वोटों से हराया। पुस्तकालय मंत्री पद पर एनएसयूआई के आशुतोष कुमार मिश्र ने 415 वोट हासिल कर एबीवीपी के विवेकानंद पांडेय (338) को 77 वोटों से हराया।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ मतदान
इससे पहले कड़ी सुरक्षा व गहमागहमी के बीच छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान सुबह नौ बजे से शुरू हुआ I दोपहर बारह बजे तक 50 फीसद मत पड़ चुके थे। छात्रसंघ के विभिन्न पदों के लिए 16 प्रत्याशी मैदान में थे। छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। विवि परिसर में परिचय पत्र व फीस रसीद देखने के बाद ही छात्रों को मतदान स्थल तक जाने की छूट दी जा रही थी। निर्वाचन अधिकारी प्रो. सुधाकर मिश्र के मुताबिक मतदान शांतिपूर्वक संपन्‍न हुआ है। मतदान के बाद मतगणना दोपहर तीन बजे से शुरू हुई।

वोट के लिए सड़क पर लेट गए प्रत्याशी
प्रत्याशी लोटपोट कर वोट मांगते रहे। मतदाओं का कोई पैर पकड़ कर लोट रहा है तो कोई हाथ जोड़ रहा है। मतदान के दौरान शक्ति प्रदर्शन का आलम यह है कि पंपलेट से सड़क पटी हुई थी। वहीं समर्थकों को नियंत्रित करने के लिए कई बार खदेड़ना पड़ा। छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

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