– एक याचिका की सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने भेजा केंद्र को नोटिस

नई दिल्ली, डीडीसी। किन्नरों को रक्तदान का अधिकार नहीं है, लेकिन क्यों? तो अब इसका जवाब देगी भारत सरकार। शुक्रवार 5 मार्च 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है और कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि आखिर किन्नर क्यों रक्तदान नही कर सकते? ये नोटिस सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ब्लड डोनर गाइडलाइंस 2017 की धारा 12 और 51 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के साथ इससे जुड़े अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया।

टी संता सिंह ने दायर की है याचिका
ये जनहित याचिका टी संता सिंह ने दायर की है, जिस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने ब्लड डोनर गाइडलाइंस 2017 के दिशा-निर्देशों के मौजूदा नियमों को चुनौती दी है। मौजूदा नियमों के तहत किन्नरों को रक्त दान करने से प्रतिबंधित कर दिया गया था। मौजूदा नियम को चुनौती देने साथ संता सिंह ने इस नियम पर रोक लगाने की मांग भी की है।

मामला समझे बिना नही लगाई जा सकती रोक : सीजेआई
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई बोबडे ने कहा, “हम उत्तरदाताओं को नोटिस जारी कर रहे हैं और उनके जवाब का इतंजार करेंगे। CJI बोबडे ने कहा कि यह चिकित्सा का मामला है। हम इन मुद्दों को नहीं समझते हैं। केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी कर, इस मुद्दे में विस्तृत जवाब मांगा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रक्तदाता दिशा-निर्देशों को रोकने से इनकार कर दिया और कहा कि वह इस मुद्दे को समझे बिना आदेश पारित नहीं कर सकता है।”

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