– World happiness day पर भारत के लिए बुरी खबर

डीडीसी, स्पेशल। 20 मार्च यानी वर्ल्ड हैप्पीनेस डे, लेकिन भारत हैप्पी नही है। सबसे ज्यादा दुख की बात ये है कि विश्व के इतने सारे देशों के बीच भारत नाखुश देशों की सूची में चौथे स्थान पर है। विश्व हैप्पीनेस इंडेक्स (World Happiness Index) 2021 के मुताबिक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश भारत के लिए ये दुख और अफसोस करने लायक बात है। इस रिपोर्ट के मुताबिक फिनलैंड दुनिया का सबसे खुश देश (Finland is world’s happiest nation) है। यूनाइटेड नेशंस सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क की इस रिपोर्ट में खुश देशों में दूसरे से पांचवें नंबर तक डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, आइसलैंड और हॉलैंड का नाम रहा।

सबसे ज्यादा नाखुश हैं जिम्बाब्वे के लोग
इनमें सबसे ऊपर है जिम्बाब्वे। इसे वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स में सबसे कम नंबर मिले। बता दें कि पिछले साल भी ये देश सबसे आखिर में था। इस देश में लंबे समय तक तानाशाही रही और अब भी राजनैतिक अस्थिरता बनी हुई है। भुखमरी और बेरोजगारी के अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं भी जिम्बाब्वे में नहीं के बराबर हैं। यही कारण है कि इस देश से लगातार पलायन हो रहा है।

तंजानिया कल भी नाखुश था और आज भी
तंजानिया साल 2020 में सबसे नाखुश देशों में से एक था और उसकी स्थिति अब भी वही है। अफ्रीकी देश तंजानिया की अधिकतर आबादी गरीबी रेखा के नीचे है, जो रोजाना 70 रुपए से भी कम आय अर्जित कर पाते हैं। इस देश में बाल यौन शोषण और एड्स जैसी बीमारियों का ग्राफ भी ऊपर है। इस अफ्रीकी देश को लगातार संकट में फंसा देश माना जाता रहा और यूनाइटेड नेशन्स ने यहां काम की भी शुरुआत की, हालांकि स्थितियां वही हैं।

सीरियाई मरुस्थल के दक्षिणी भाग में बसा जॉर्डन
सीरियाई मरुस्थल के दक्षिणी भाग में बसा अरब देश जॉर्डन हैप्पीनेस इंडेक्स में नीचे से तीसरे नंबर का देश है। वैसे तो यह देश कुल 89341 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, लेकिन इसका ज्यादातर हिस्सा रेगिस्तान से घिरा हुआ है। इस देश में भी लगातार राजनैतिक उठापटक चलती रही है। साल 2018 में ही यहां की जनता महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतर आई थी और सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद कोरोना के कारण लगे ग्लोबल लॉकडाउन के कारण इस देश के हालात और गड़बड़ा गए।

भारत, खुशी सूचकांक में चौथे स्थान पर
इसके बाद बारी आती है भारत की, जो खुशी सूचकांक में नीचे से चौथे स्थान पर है। कोरोना के कारण लगे लंबे लॉकडाउन को भी इसका जिम्मेदार माना जा रहा है। हालांकि अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ, लेकिन लोगों में कई बातों को लेकर असंतोष बना हुआ है। बीते दिनों देश को अभिव्यक्ति के अधिकार के मामले में भी पिछड़े देशों में शुमार किया गया था।

सबसे नाखुश कंबोडिया
सबसे नाखुश देशों की सूची में पांचवा देश कंबोडिया है। ये देश खुशहाली में लगातार पीछे जाता दिख रहा है। साल 2019 में इसका स्थान 76 था, जो साल 2020 में 91 हो गया। अब ये सबसे कम खुशहाल देशों की सूची में पांचवे स्थान पर आ चुका है। दक्षिण पूर्व एशिया का ये देश मुख्य तौर पर पर्यटन पर निर्भर है, लेकिन बीते डेढ़ सालों में कोरोना संक्रमण के कारण ये व्यवस्था लगभग ठप पड़ी है। ये भी बदहाली की एक वजह मानी जा रही है।

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