– सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे लापता विधायक के पोस्टर

भरत गुप्ता, (बाराबंकी) डीडीसी। (Corona Pandemic) था और ऑक्सीजन के लिए जनता लाइन में थी। तभी विधायक के गुर्गे सारी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख जनता के सामने से ऑक्सीजन सिलेंडर जबरन उठा ले जाते हैं। अब बाराबंकी के ये विधायक शरद कुमार अवस्थी लापता हैं और विधानसभा पोस्टरों से पट गया है। जिस पर लिखा है कि विधायक का पता बताने वाले को एक हजार रुपये का नगद ईनाम दिया जाएगा। अब ईनाम वाले ये पोस्टर सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। लोगों के आक्रोश की वजह, कोरोना काल के दौरान परेशान जनता की परेशानी का समाधान करने के बजाय विधायक का अज्ञातवास में जाना बताया जा रहा है।

CM सड़क पर और विधायक लापता
कोरोना के इस हालात में जहां लोगों को बेड न मिलने, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी, दवाओं की कालाबाजारी होने की शिकायतें सामने आने से उत्तर प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) खुद जमीन पर उतरकर एक्शन ले रहे हैं, लेकिन इस बीच उन्हीं की सरकार के एक विधायक के लापता होने का पोस्टर भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। कोरोना के ऐसे कठिन समय में अपने क्षेत्र में जन प्रतिनिधि के नहीं रहने पर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग पोस्टर लगाकर विधायक के अपने क्षेत्र में न रहने और लोगों की समस्याओं का कोई समाधान न कराने के चलते विरोध जाहिर कर रहे हैं।

खूब वायरल हुआ था सिलेंडर का वीडियो
बता दें कि ये बीजेपी के वही विधायक हैं जिनपर कोरोना के संकट काल के दौरान बीते दिनों अपने रुतबे का इस्तेमाल कर गाड़ियों में ऑक्सीजन सिलेंडर भर-भरकर फरार होने का वीडियो वायरल हुआ था। दरअसल मामला बाराबंकी की रामनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक शरद कुमार अवस्थी से जुड़ा है। विधायक शरद अवस्थी के अपने क्षेत्र में नहीं रहने के कारण विधानसभा रामनगर के गांव अद्रा में लोगों ने उनके लापता होने का पोस्टर लगाकर विरोध शुरू कर दिया है।

न जीतने से पहले आए और न जीतने के बाद
यहां के ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद माननीय अपने क्षेत्र से लापता हैं। कोरोनाकाल में भी इन लोगों को क्षेत्र की जनता का हाल-चाल पूछने की चिंता नहीं है। इन लोगों को यहां की जनता खोज रही है, जिन भाइयों को यह दोनों माननीय मिल जाएं, वह उन्हें लेकर गांव आएं। विधायक को गांव लाने वाले को 1000 रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा। गांव के निवासियों ने बताया कि हमारे विधाययक जी चुनाव जीतने के बाद एक बार भी यहां दिखाई नहीं पड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस गांव में चुनाव के समय वोट मांगने विधायक आये भी नहीं, बल्कि उनके भाई आये थे।

गांव वालों ने फूंका भाजपा की बगावत का बिगुल
विधायक ने भाई ने वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद वह यहां के लोगों की सारी समस्या हल करा देंगे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद न तो विधायक जी ही यहां नजर आए और न ही उनके भाई ही दिखाई पड़े। आलम ये है कि हम लोग विधायक जी से मिलने जाते हैं तो वह मिलते भी नहीं हैं। इसीलिए हम लोगों ने उनकी गुमशुदगी का पोस्टर लगाया है। इस कोरोनाकाल के कठिन समय पर भी विधायक जी गांव में दिखाई नहीं पड़े। बड़ा दुख होता है कि उन्होंने भाजपा को वोट दिया, लेकिन अब आगे से भाजपा को कोई वोट नहीं देगा।

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