पटना, डीडीसी। ये मंजर शायद कभी भुलाया जा सके। घर के बाहर बाप की अर्थी रखी थी और अंदर पत्नी प्रसव पीड़ा के साथ पति की मौत से कराह रही थी। इस अभागे बाप की लाश उसी के घर के पास मिली। किसी ने गोलियों से उसे छलनी कर दिया था। पास ही कत्ल की गवाही देते दगे कारतूस भी पड़े थे। ये कैसा संयोग था कि एक ही घर में बच्ची की किलकारी और राम नाम सत्य का स्वर यूं सुनाई देगा। इस जघन्य वारदात को आज दो दिन गुजर चुके, बावजूद इसके अभी तक कातिल और कत्ल दोनों से खाकी अंजान है। पूरा मामला बिहार के भोजपुर जिले से जुड़ा है।

साल भीतर उजड़ा सुहाग और इकलौता लाल
भोजपुर के आरा में भेड़री गांव निवासी हरिद्वार सिंह के इकलौते पुत्र रवि यादव का शव गुरुवार की सुबह रामडीहरा रोड के किनारे करहा में पड़ा मिला। इसी साल रवि की शादी चरपोखरी थाना के दुलौर गांव की रहने वाली प्रियांशु से हुई थी। प्रियांशु के गर्भवती होने शादी के साल भीतर खुशी का मौका आया था, लेकिन ऐसा होगा किसी ने नहीं सोचा था।

अंतिम यात्रा से पहले श्राद्ध में गया था रवि
मृतक रवि बुधवार शाम मंदुरी में श्राद्ध कर्म में शामिल होकर घर लौट रहा था। उसने सोचा नही था कि वो रास्ते मे षड्यंत्र का शिकार हो जाएगा। बाइक सवार रवि रातभर घर नही पहुंचा। लोग तलाश में जुटे तो रवि की रक्तरंजित लाश गुरुवार सुबह गांव के पास पड़ा मिला। मौका-ए-वारदात से पुलिस ने तीन खोखे भी बरामद किए हैं।

ये बंगाल सी राजनीति का इशारा तो नही
बंगाल में दीदी-मोदी के बीच ज़ुबानी जंग चलती चलती है रंजिश जमीन पर कार्यकर्ता निभाता है। इस राजनीति में तमाम कार्यकर्ता मौत के घाट उतार दिए गए। ये सब हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि रवि भी राष्ट्रीय जनता दल का कार्यकर्ता था और बिहार में इन दिनों जुबानी जंग चरम पर है। इनकी चर्चा जोरों पर है और अब पुलिस भी हत्या के कारणों में राजनीतिक एंगल तलाश रही है।

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