– कैंचीधाम जा रहे स्कूटी सवार सैलानी अस्पताल में भर्ती, काठगोदाम रेलवे स्टेशन तिराहे के पास हुई घटना
Gonda tourists hit by roadways bus, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में काठगोदाम रेलवे स्टेशन तिराहे के पास मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। मरम्मत के बाद डिपो लौट रही रोडवेज बस अचानक अनियंत्रित हो गई और गलत दिशा में चली गई। सामने से आ रहे स्कूटी सवार दो पर्यटक बस की चपेट में आ गए और बस व डिवाइडर के बीच फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामनगर डिपो की बस शहर की ओर बढ़ रही थी, तभी चालक ने नियंत्रण खो दिया। बस ने सामने चल रही स्कूटी को टक्कर मार दी और दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटती चली गई। बस तब जाकर रुकी जब दोनों युवक डिवाइडर और बस के बीच बुरी तरह फंस गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की मदद से घायलों को बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल भिजवाया।
घायल युवकों की पहचान गोंडा (उत्तर प्रदेश) निवासी अंकित कुमार (18) और रमेश गुप्ता (18) के रूप में हुई है। दोनों टैक्सी स्कूटी से कैंची धाम दर्शन के लिए निकले थे और रेलवे स्टेशन तिराहे के पास पहुंचे ही थे कि हादसा हो गया। अस्पताल में दोनों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
काठगोदाम थानाध्यक्ष विमल मिश्रा ने बताया कि बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। चालक ने प्रारंभिक बयान में ब्रेक फेल होने की बात कही है। तहरीर मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ब्रेक फेल या तकनीकी चूक?
हादसे के बाद तकनीकी पहलू को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, संबंधित बस दो दिन से रोडवेज की रीजनल वर्कशॉप में मरम्मत के लिए खड़ी थी। मंगलवार को इंजन संबंधी कार्य पूरा होने के बाद बस डिपो के लिए रवाना हुई थी। चालक का दावा है कि वर्कशॉप से निकलते ही बस के ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि परिवहन निगम के अधिकारी इस दावे से सहमत नहीं हैं।
वर्कशॉप प्रभारी फोरमैन सुनील कुमार का कहना है कि बस में इंजन से संबंधित कार्य किया गया था, ब्रेक सिस्टम में कोई बड़ी खामी नहीं थी। उनका तर्क है कि यदि ब्रेक पूरी तरह फेल होते, तो बस वर्कशॉप के मुख्य गेट (लगभग 150 मीटर दूरी) तक नहीं पहुंच पाती। घटनास्थल भी मुख्य गेट से लगभग 150 मीटर आगे है। फिलहाल बस को दोबारा तकनीकी जांच के लिए वर्कशॉप ले जाया जाएगा। हादसे ने रोडवेज की मेंटेनेंस व्यवस्था और वाहन फिटनेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


