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एसआईआर : पहला चरण पूरा, 71.33 लाख मतदाताओं की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी
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एसआईआर : पहला चरण पूरा, 71.33 लाख मतदाताओं की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी

उत्तराखंड में एसआईआर का पहला चरण पूरा।

. 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का मौका, 15 सितंबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

71.33 Million Draft Voter Roll Released, DDC : उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का पहला चरण पूरा होने के बाद मंगलवार को प्रदेश की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के तहत राज्य में 71,33,785 मतदाताओं के नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। अब मतदाता 14 जुलाई से 13 अगस्त तक अपने नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावा एवं आपत्ति दर्ज करा सकेंगे, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन आगामी 15 सितंबर को किया जाएगा।

मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानकर संचालित की जा रही है। इसके तहत 8 जून से 7 जुलाई तक गणना पत्रों के वितरण और उनके डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया गया। प्रथम चरण के बाद तैयार ड्राफ्ट सूची में प्रदेश के 71.33 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया है। पुनरीक्षण के दौरान जहां राज्य में 11,733 मतदान केंद्र थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 12,543 कर दी गई है।

करीब 19 लाख मतदाताओं में मिली विसंगतियां
डॉ. जोगदंडे ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के परीक्षण के दौरान करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की विसंगतियां सामने आई हैं। ऐसे सभी मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिसों की सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर कैंप लगाए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी शिविर लगेंगे।

एक महीने तक चलेगी दावा और आपत्ति प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है। इसके बाद 14 जुलाई से 11 सितंबर तक प्राप्त आवेदनों की सुनवाई और निस्तारण किया जाएगा। सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना होगा अनिवार्य
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों का नाम अभी मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। आवेदन बीएलओ के माध्यम से ऑफलाइन या ECINet ऐप के जरिए ऑनलाइन किया जा सकता है। इसी प्रकार फॉर्म-7 से नाम हटाने और फॉर्म-8 के माध्यम से नाम, पता अथवा अन्य विवरणों में संशोधन कराया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान पुनरीक्षण अभियान में फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के साथ एनेक्सर-4 (घोषणा पत्र) जमा करना अनिवार्य किया गया है।

इन दस्तावेजों को माना जाएगा वैध
निर्वाचन आयोग ने पहचान और पात्रता के सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्य किया है। इनमें केंद्र या राज्य सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों अथवा पेंशनभोगियों के पहचान पत्र, 1 जुलाई 1987 से पहले सरकारी या बैंक, डाकघर, एलआईसी अथवा पीएसयू द्वारा जारी दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो), परिवार रजिस्टर, सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र शामिल हैं। आधार के उपयोग के संबंध में आयोग के पूर्व जारी दिशा-निर्देश यथावत लागू रहेंगे।

 

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