. थाना खटीमा और नानकमत्ता से नाखुश एडीजी ने लगाई फटकार, मुरुगेशन ने पुलिस को दिया अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त का टारगेट
ADG Law and Order V. Murugesan, DDC : पुलिस की गिरफ्त से दूर अपराधी अब कहीं भी होंगे, बचेंगे नहीं। क्योंकि पुलिस ने ऐसे अपराधियों की धर-पकड़ के लिए अभियान छेड़ दिया है। शनिवार को शहर में पहुंचे एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने न सिर्फ अपराध समीक्षा की बल्कि सख्त निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा, तीन वर्ष से अधिक लंबित विवेचनाएं कतई स्वीकार नहीं की जाएंगी। अपना काम इमानदारी से करें या फिर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सभी अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें और हर गंभीर अपराध की मॉनिटरिंग स्वयं करें।
नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की समीक्षा करते हुए पुलिस बहुउद्देशीय भवन में एडीजी ने कहा, महिला अपराधों विशेषकर महिला अपहरण और दुष्कर्म के मामलों में त्वरित अनावरण कर आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। चोरी, नकबजनी और लूट-डकैती के मामलों में सौ प्रतिशत रिकवरी करें। उन्होंने थाना खटीमा व नानकमत्ता के थानाध्यक्षों को केस वर्कआउट और रिकवरी के मामलों में शिथिलता पर कड़ी चेतावनी दी।
साथ ही कहा, वाहन चोरी, बलात्कार और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों में कठोर कार्रवाई करें। अवैध नशे की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए कमर्शियल मात्रा में बरामदगी करें और इसके लिए अभियान चलाएं। ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित करें। अज्ञात महिला शवों की शिनाख्त कार्यवाही करें। अपराध नियंत्रण और विवेचनाओं की गुणवत्ता पुलिस की साख का आधार है। अधिकारी अपने क्षेत्र में सक्रियता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।
तीन वर्ष से अधिक लंबित विवेचनाएं अस्वीकार्य हैं। इन्हें तत्काल निस्तारित करें या संबंधित अधिकारी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। हर क्षेत्राधिकारी अपनी विवेचना टीम की कार्यक्षमता का नियमित मूल्यांकन करें।
तकनीक के साथ पारदर्शी पुलिसिंग की ओर कदम
गोष्ठी के बाद पुलिस महानिरीक्षक सीसीटीएनएस/एससीआरबी सुनील कुमार मीणा ने कहा, क्षेत्राधिकारी प्रतिदिन पोर्टल की स्थिति की जांच कर कार्रवाई करें। सभी अधिकारी सीसीटीएनएस/आईसीजेएस पोर्टल का संचालन कुशलता से सीखें। आईसीजेएस पोर्टल के 1.0 व 2.0 वर्जन में उपलब्ध विभिन्न प्लेटफार्म व मिशन वात्सल्य जैसे पोर्टलों पर नियमित अपडेट व कार्यवाही दर्ज करें। प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता बढ़ाना पुलिसिंग का नया आयाम है। सभी अधिकारी डेटा इंटीग्रेशन और सटीक रिपोर्टिंग पर ध्यान दें।
डीआईजी समेत तमाम आलाधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल के साथ एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एसपी अभय कुमार सिंह, एसपी प्रकाश चंद्र, सीओ दीपशिखा, सीओ सुमित पांडेय, सीओ अमित कुमार, सीओ प्रशान्त कुमार, सीओ दीपक सिंह, सीओ डीआर वर्मा, सीओ भूपेन्द्र सिंह धौनी, सीओ विमल कुमार आदि थे।


