बेतालघाट में कम्बल वितरण के दौरान भगदड़, शीलू और तारा पर मुकदमा

बाबा हेल्प देम फाउंडेशन के आयोजकों पर मुकदमा।

-SSP नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी का तत्काल संज्ञान, प्रकरण में पुलिस का कड़ा एक्शन

Case filed against the organizers of Baba Help Them Foundation, DDC : नैनीताल जिले के बेतालघाट स्थित मिनी स्टेडियम में आयोजित एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की कमी के चलते भगदड़ मच गई। इस घटना में स्टेडियम की एक दीवार ढह गई और छह लोग घायल हो गए। मामले का संज्ञान लेते हुए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद बेतालघाट पुलिस ने बाबा हेल्प देम फाउंडेशन के आयोजकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बिना अनुमति आयोजित हुआ कार्यक्रम
पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को “बाबा हेल्प देम फाउण्डेशन” के मुख्य आयोजक शीलू कुमार और तारा भण्डारी, निवासी बेतालघाट ने “आरम्भ विधानसभा सम्मेलन 2027” नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन बिना सक्षम प्रशासनिक अनुमति और स्थानीय थाना स्वीकृति के किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम में लगभग 6000 लोगों को आमंत्रित किया गया था। आयोजन स्थल पर लोकगायन के साथ कम्बल वितरण किया जा रहा था, लेकिन भीड़ नियंत्रण, निजी सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे।

अव्यवस्थित वितरण बना हादसे की वजह
कार्यक्रम का संचालन तारा भण्डारी द्वारा किया जा रहा था। आयोजक शीलू कुमार, नरेश पाण्डे और अन्य सहयोगियों द्वारा कम्बल वितरण के दौरान एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों को बुला लिया गया, जिससे अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ के धक्कामुक्की के कारण स्टेडियम की एक दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर छह लोग घायल हो गए। सभी घायलों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक उपचार दिया गया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही थाना बेतालघाट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मामले में क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रा०र०द० अधिकारी कुन्दन कुमार की तहरीर के आधार पर थाना बेतालघाट में धारा 125(क)(ख)/190/292 बीएनएस एवं धारा 3(2) लोक सम्पत्ति को नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

पुलिस का कहना है कि आयोजकों की लापरवाही के कारण न केवल आमजन की जान खतरे में पड़ी, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। मामले की विवेचना जारी है और दोषियों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

क्या हैं मुख्य आरोप?
* बिना प्रशासनिक अनुमति कार्यक्रम का आयोजन
* लगभग 6000 लोगों की भीड़, लेकिन कोई समुचित सुरक्षा व्यवस्था नहीं
* निजी सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण तंत्र का अभाव
* आपातकालीन निकासी योजना का न होना
* सरकारी संपत्ति को नुकसान

पुलिस की अपील
जनपद पुलिस ने आमजन और आयोजकों से अपील की है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम से पूर्व संबंधित प्रशासनिक एवं पुलिस अनुमति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही भीड़ प्रबंधन, निजी सुरक्षा, मेडिकल सहायता और आपातकालीन प्रबंधन के सभी मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने पर भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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