Breaking News
कमर दर्द से परेशान नगर निगम कर्मी ने फांसी लगाई।
कमर दर्द से जूझ रहे नगर निगम कर्मी ने पत्नी के दुपट्टे से लगाई फांसी
नैनीताल के ज्योली गांव में बाघ ने महिला को निवाला बनाया।
ज्योली गांव में बाघ ने महिला को मारा, छत-विक्षत हालत में मिला शव
आवारा गायों के हत्यारे उस्मान और मोईन ढाई सौ किग्रा गौमांस के साथ गिरफ्तार
हल्द्वानी में पिथौरागढ़ के बेकरी कारोबारी की मौत।
कार की टक्कर से पिथौरागढ़ के बेकरी कारोबारी की मौत
नकली सोना गिरवी रखकर बैंक से ठगी, ज्वेलर्स समेत 3 पर FIR
आंख के ऑपरेशन के बाद श्रमिक की मौत, राडार पर शुभानु आई हॉस्पिटल
“आखिरी मैसेज से मौत का संदेश : MBPG की छात्रा की मौत, मोबाइल PIN ने खड़े किए सवाल”
सुरों की मलिका Asha Bhosle का निधन, 70 साल की संगीत यात्रा को अलविदा
21 अप्रैल को बेटी का ब्याह, कार्ड बांटने निकले पिता का गधेरे में उतराता मिला शव

आंख के ऑपरेशन के बाद श्रमिक की मौत, राडार पर शुभानु आई हॉस्पिटल

🟨 परिजनों का हंगामा, कोतवाली घेराव कर डॉक्टर पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग

📝 Death After Eye Surgery, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर के शुभानु आई हॉस्पिटल में आंख के ऑपरेशन के बाद एक श्रमिक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।

मिली जानकारी के अनुसार, रामनगर के ग्राम जरसा गांजा, पोस्ट चिल्किया निवासी राजेश ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके भाई राजपाल को 28 मार्च को पत्थर तोड़ते समय आंख में कंकरी लग गई थी। इसके बाद उन्हें हल्द्वानी के भोटिया पड़ाव स्थित शुभानु आई हॉस्पिटल में दिखाया गया।

चिकित्सकों ने आंख खराब होने का खतरा बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर की सलाह पर पहली सर्जरी कराई गई, जिसके बाद दवाइयों और जांच का सिलसिला जारी रहा। बाद में डॉक्टरों ने दूसरी सर्जरी की सलाह दी।

बताया गया कि 15 अप्रैल की शाम से रात करीब 9:45 बजे तक ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने मरीज का ब्लड प्रेशर हाई होने की बात कही। हालत बिगड़ने पर मरीज को ठंडी सड़क स्थित एक अन्य अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

राजपाल की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद परिजन कोतवाली पहुंचे और कोतवाल विजय मेहता का घेराव कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

परिजनों ने संबंधित डॉक्टर को हिरासत में लेने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस मामले में राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की अनदेखी के चलते लोग निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।

कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि मामले में तहरीर मिल चुकी है और जांच शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top