. सोमवार रात करीब 2 बजे तिकोनिया स्थित वाइन शॉप में लगी आग, ब्लिंकिट ब्वॉय ने देखा
₹20 Million Worth of Liquor Destroyed in Massive Fire, DDC: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में आधी रात तिकोनिया स्थित वाइन शॉप और गोदाम अचानक धधक उठा। आग की सूचना पुलिस और दमकल तक पहुंचती, तब तक देर हो चुकी थी। बमुश्किल पुलिस और दमकल की टीम ने शटर काटा। दुकान का शटर उठते ही आग और तेजी से फैली। करीब साढ़े 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक डेढ़ से दो करोड़ रुपए की शराब व अन्य सामान जल चुका था। दमकल घटना के कारणों की जांच कर रही है।
हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के तिकोनिया चौराहे के पास राजेंद्र पाल और नीरज मिश्रा की पार्टनरशिप में शराब की दुकान है। इसी दुकान में शराब का गोदाम भी है। बताया जाता है कि सोमवार रात तय समय पर सभी कर्मचारी दुकान बंद कर चले गए थे। रात करीब दो बजे एक ब्लिंकिट ब्वॉय उधर से गुजरा तो उसने शटर के नीचे से धुआं निकलता देखा। उसने फौरन पुलिस को सूचना दी। कुछ ही पल में पुलिस के साथ दमकल की टीम मौके पर पहुंच गई।
दुकान का शटर बंद था। किसी तरह काट कर शटर खोला गया तो अंदर आग बुरी तरह धधक रही थी। एक के बाद एक दमकल की करीब सात गाड़ियों से लगातार पानी की बौछार की गई। तब कहीं जाकर सुबह साढ़े 5 बजे आग पर पूरी कर काबू पाया गया। एफएसओ एमपी सिंह ने बताया कि आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।
सीओ सिटी अमित सैनी ने बताया कि आग से डेढ़ के दो करोड़ के बीच नुकसान का अनुमान जताया जा रहा है। आग लगने के संभावित कराणों में शार्ट सर्किट भी हो सकता है। हालांकि इसकी जांच की जा रही है।
धधक रहा था सिलेंडर, बड़ा धमाका होने से टला
शराब बेहद ज्वलनशील होती है और ऐसे में शराब की दुकान में सुरक्षा मानकों का खास ख्याल रखना होता है। हालांकि तिकोनिया स्थित शराब की दुकान में नियमों को ताक पर रख दिया गया था और इसकी वजह न सिर्फ शराब की दुकान बल्कि आस-पास की दुकानों और इमारतों को भी खतरा पैदा हो गया था।
एफएसओ एमपी सिंह ने बताया कि आग बुझाती टीम जब दुकान और गोदाम के अंदर तक पहुंची तो वहां एक कॉमर्शियल सिलेंडर भी रखा था और उसमें भी आग लग चुकी थी। बमुश्किल आग के बीच से जलते सिलेंडर को बाहर निकाला गया और उसमें लगी आग बुझाई गई। माना जा रहा है कि अगर टीम थोड़ा और देर से पहुंचती तो सिलेंडर में धमाका हो सकता था और फिर आस-पास की इमारतें और दुकानें भी आग की जद में आ जाती।

