– दोनों ने मिलीभगत कर एक युवक के नाम से बैंक में खोला फर्जी खाता
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Canara Bank and a telecom company distributor sued, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एक बड़ा घालमेल सामने आया है। यहां एक बैंक खाता खुलवाने के लिए कई बार चक्कर कटवाने वाले बैंक ने फर्जीवाड़े की इंतहा कर दी। टेलीकॉम कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर के साथ मिलकर बैंक के लोगों ने एक व्यक्ति के नाम से न सिर्फ फर्जी बैंक खाता खोल दिया, बल्कि खाते में लाखों रुपए का लेन-देन भी हो गया। मजे की बात यह है कि जिस व्यक्ति का बैंक में खाता खुला, उसे दो साल तक इसकी भनक भी नहीं लगी। मामला खुला तो पुलिस का रवैया भी चौकाने वाला था। कोतवाली से लेकर एसएसपी तक शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन पीड़ित को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा और फिर मजबूरी में ही सही हल्द्वानी कोतवाली पुलिस को मामले में मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
पीड़ित अनुभव पंत निवासी गौजाजाली उत्तर ने कोर्ट को बताया कि 4 सितंबर 2025 को अपने अकाउंटेंट के जरिये उन्हें पता चला कि उनके नाम से कैनरा बैंक में एक खाता संचालित हो रहा है, जबकि उन्होंने कभी वहां खाता खुलवाया ही नहीं। जांच में सामने आया कि बैंक की बरेली रोड स्थित शाखा में उनके नाम से वर्ष 2023 से खाता संचालित है। पीड़ित युवक को तब इसकी जानकारी हुई जब उसके खाते में टीडीएस आने पर इनकम टैक्स रिटर्न में अनियमितता सामने आई।
दस्तावेज असली, हस्ताक्षर फर्जी
उक्त खाते में उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो तो लगाए गए, लेकिन हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी हैं। न तो उन्होंने कभी ये दस्तावेज बैंक को दिए और न ही कोई खाता खोलने का आवेदन किया।
मामले की तह में जाने पर पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब वह पहले मोबाइल कंपनियों की मार्केटिंग करता था, उस दौरान उसके डिस्ट्रीब्यूटर संजय कोहली के पास उसके दस्तावेज मौजूद थे। उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर बैंक कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी खाता खुलवाया गया।
शिकायत दे-देकर हारा तो पहुंचा कोर्ट
थक-हारकर पीड़ित ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हल्द्वानी की अदालत में धारा 175(3) के तहत प्रार्थनापत्र दाखिल कर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई के आदेश देने की मांग की है। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। कोतवाल विजय मेहता ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मंगलपड़ाव अब्दुल्ला बिल्डिंग निवासी संजय कोहली और मंगलपड़ाव अब्दुल्ला बिल्डिंग बरेली स्थित केनरा बैंक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस को शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित ने 6 सितंबर 2025 को कोतवाली हल्द्वानी में शिकायत दी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 17 सितंबर को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, जिसकी तामील भी हो गई। बावजूद इसके आज तक किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। फर्जी खाते के कारण पीड़ित के कार्यस्थल पर भी उसकी छवि खराब हुई और अनियमितता के आरोप झेलने पड़े। पीड़ित का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान है।
खाता अनुभव का और मोबाइल नंबर कोहली का
अनुभव का कहना है संजय कोहली टेलीकॉम कंपनियों का डिस्ट्रीब्यूटर था और तब वह संजय कोहली के साथ उक्त कंपनियों के लिए मार्केटिंग का काम करते थे। उन्हें जब फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो बैंक पहुंचे। दस्तावेज अनुभव के थे, लेकिन जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल खाता खुलवाने के लिए किया गया था, वो अनुभव का नहीं था। जानकारी करने पर अनुभव को पता चला कि उक्त मोबाइल संजय कोहली का है। जिसके बाद पूरा मामला साफ हो गया, लेकिन सवाल बैंक पर खड़े हो गए कि आखिर बिना खाताधारक की मौजूदगी और अनुमति के बैंक खाता कैसे खुल गया? क्या बैंकिंग सिस्टम की खामियों पर जवाबदेही तय होगी?


