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वोट मांगते रहे मुख्यमंत्री धामी, एंबुलेंस में मरीज की जान पर आई

. मुख्यमंत्री के रोड से जाम में उलझा शहर, तिकोनिया से वापस लौटाई एंबुलेंस

Ambulance stuck in CM Dhami’s roadshow, DDC : राजनीति में हार-जीत मायने रखती है, फिर किसी की जान भी क्यों न चली जाए। ऐसा ही हुआ गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रोड शो में। धामी भाजपा से मेयर प्रत्याशी गजराज सिंह बिष्ट के लिए वोट मांग रहे थे। धामी और हजारों कार्यकर्ताओं से नैनीताल रोड पटी पड़ी थी। आगे सीएम धामी जनता से वोट देने की अपील कर रहे थे और पीछे एंबुलेंस फंसी थी। राजनीति के शोर में एंबुलेंस के सायरन किसी ने नहीं सुना और पुलिस ने एंबुलेंस चालक को यू टर्न लेने को कह दिया।

नाक का सवाल बनी हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम की सीट
हल्द्वानी-काठगोदाम नगर निगम की सीट भारतीय जनता पार्टी के लिए साख का सवाल बन चुकी है। न नुकुर करते पार्टी ने गजराज को अपना मेयर प्रत्याशी चुन लिया और अब भाजपा ने इस सीट को हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जीत को सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रोड-शो हुआ। पुलिस ने भी इसकी तैयारी पहले से कर ली थी और कोई सवाल न उठा सके इसलिए पहले से ही रूट डायवर्जन कर दिया था, लेकिन यह साफ नहीं किया कि यदि मुख्यमंत्री के रोड शो की वजह से कोई एंबुलेंस फंसती है तो क्या करेंगे।

हजारों कार्यकर्ताओं के बीच नहीं सुनाई दिया एंबुलेंस का सायरन
मुख्यमंत्री का रोड शो शहर की कालाढूंगी रोड स्थित पशु चिकित्सालय से शुरू हुआ और हजारों कार्यकर्ताओं के काफिले के साथ मुख्यमंत्री नैनीताल रोड पहुंचे। पुलिस ने नैनीताल रोड पर आवागमन बंद करा दिया, ताकि रोड शो सुचारू रूप से चल सके। रोड शो तो सुचारू रूप से चला, लेकिन शहर जाम में उलझता गया। मुख्यमंत्री का काफिला तिकोनिया के पास पहुंचा तो पीछे से एक एंबुलेंस भी पहुंच गई। एंबुलेंस में एक मरीज था, जिसे हल्द्वानी से नैनीताल रोड स्थित एक अस्पताल जाना था। तिकोनिया के पास एंबुलेंस जाम में फंस गई। हजारों कार्यकर्ताओं के बीच वाहन पर सवार मुख्यमंत्री धामी जनता से गजराज के पक्ष में वोट देने की अपील कर रहे थे और पीछे से एंबुलेंस का सायरन बन बज रहा था, लेकिन हजारों कार्यकर्ताओं के बीच उसे आगे जाने का रास्ता नहीं मिला।

इसबीच एसपी सिटी प्रकाश चंद्र आगे आए और उन्होंने एंबुलेंस चालक को यू-टर्न लेने का इशारा किया। एंबुलेंस में सवार मरीज के तीमारदार सिस्टम को कोसते और पुलिस से भीड़ के बीच रास्ता बनाने की गुजारिश करते रहे, लेकिन रास्ता नहीं मिला। मजबूरन एंबुलेंस चालक को दूसरे और लंबे रास्ते से अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा।

एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों के दौरान कुछ परेशानियां होती हैं। कार्यक्रम के दौरान एक एंबुलेंस भी फंसी थी, लेकिन उसे यू-टर्न करा कर दूसरे रास्ते से भेज दिया गया था। रोड शो खत्म होने के बाद शहर का यातायात पूरी तरह सामान्य हो गया था।

जाम में फंसे शहर के मुख्य अस्पताल
रामपुर रोड स्थित डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के पीछे स्थित स्वामी राम कैंसर संस्थान और नैनीताल रोड पर सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल, ये तीन अस्पताल शहर के मुख्य अस्पताल है और तीनों ही जाम की भेंट चढ़ गए। जब तक सीएम का रोड शो रहा, तब तक इन अस्पतालों के आगे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस ओर जाने वाली तमाम एंबुलेंस और मरीजों को वाहनों की कतार में चलना और अस्पताल पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ा।

वीवीआईपी कार्यक्रम और पुलिसिया इंतजाम
शहर में जब भी वीवीआई, वीवीआईपी कार्यक्रम होते हैं तो पुलिस रूट डायवर्जन जारी करने से पहले जनता के हित को दरकिनार कर देती है। हालांकि दावा यही किया जाता है कि यह सब इसीलिए किया जा रहा है ताकि जनता को परेशानी न हो। बावजूद इसके परेशानी जनता को ही झेलनी पड़ती है। क्योंकि जिस रूट पर कार्यक्रम होता है, उस पर जनता को चलने की मनाही होती है और ऐसे कार्यक्रम अकसर शहर के मुख्य मार्गों पर होते हैं, जिसकी जरूरत सबसे ज्यादा जनता को होती है। गुरुवार को भी ऐसा ही हुआ।

 

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