– 6 अगस्त को होने वाली परीक्षा पास कराने के एवज में परीक्षार्थियों से लिए थे चार-चार लाख रुपए
SSC exam solver gang, DDC : चार-चार लाख रुपए में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी परीक्षा) की परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले सॉल्वर गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। सॉल्वर गैंग ने टीपीनगर चौकी क्षेत्र में रामपुर रोड स्थित होटल को अपना ठिकाना बनाया था और पर्चा सॉल्व करने के लिए एक कंप्यूटर सेंटर को लीज पर लिया था। एसएससी की यह परीक्षा 6 अगस्त को होने वाली थी और जालसाज अपनी नीयत में कामयाब हो पाते, इससे पहले ही पुलिस और एसओजी ने गैंग के 9 गुर्गों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। सॉल्वर गैंग के कब्जे से लैपटॉप, वाईफाई के डोंगल और 11 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के हाथरस, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ व हरियाणा के रहने वाले हैं। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार रुपये इनाम दिया है।
सोमवार को पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि एक सूचना के आधार पर पुलिस और एसओजी ने देवलचौड़ स्थित होटल जलविक में छापेमारी की। खबर थी कि 8 से 10 लोग पिछले कई दिनों से होटल में रुके हैं और उनकी एसएससी परीक्षा में धांधली की तैयारी है। पुलिस ने घेराबंदी कर कमरा नंबर 103 से नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गैंग के सरगना बागपत उत्तर प्रदेश निवासी परविंदर सिंह व सुनील कुमार हैं। दोनों ने पुलिस को बताया कि गिरोह में शामिल सभी पर कर्ज है और इससे मुक्ति पाने के लिए उन्होंने सॉल्वर गैंग बनाया।
प्लान के तहत कम्यूटर लाईब्रेरी किसी से लीज पर लेकर उत्तराखंड में होने वाली आनलाइन परीक्षा में प्रतिभागियों से चार-चार लाख रुपये में भर्ती कराएंगे। लाइब्रेरी में कुछ साल्वर बैठाकर एनीडेस्क और एमी एडमिन रिमोट डेस्कटाप एप के माध्यम से नकल कराकर उन लड़कों को पास करा देंगे और पैसे बांट लेंगे। इसी योजना के तहत दिसम्बर 2024 में हल्द्वानी मानपुर पश्चिम में स्थित ज्ञानकोश डिजिटल लाईब्रेरी देहरादून निवासी दीपक कन्नौजी से लीज पर ली। इस काम के लिए रमाकांत उर्फ राहुल को भी शामिल किया।
राहुल ने बताया कि वह दिल्ली में आईटी वाले से सेटिंग कर लेगा। जिससे ऑनलाइन परीक्षा के दौरान नकल करा देंगे। ज्ञानकोश डिजिटल लाईब्रेरी हल्द्वानी में इस काम को सफल बनाने के लिए इनविजीलेटर भी अपने पार्टनर आफताब खान, अरुण कुमार को रख लिया। इसके बाद परीक्षार्थियों की जरुरत थी, जो पैसा देकर नौकरी पाना चाहते हों। अभ्यर्थियों को लाने व पैसे का लेन-देन करने का काम करने के लिए गिरोह में विशाल गिरी, शिव सिंह व जसवीर को बतौर पार्टनर रख लिए।
इसके बाद परीक्षा केंद्र में अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन नकल कराने के लिए लैपटाप परीक्षा केंद्र के अंदर भेजने व इन्स्टाल, कनेक्ट करने के लिए आइटी वाले लड़के की जरुरत थी। इस काम के लिए अभिषेक कुमार को रख गया। ज्ञानकोश डिजीटल लाईब्रेरी में 26 जुलाई से एक अगस्त तक एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा थी।
परीक्षा में सभी ने अपने-अपने स्तर से नौकरी पाने वाले लड़कों को प्रलोभन देकर नियुक्ति के लिए चार-चार लाख रुपये की धनराशी तय किए और उनके प्रवेश पत्र वाटसएप पर मंगा लिए, लेकिन उनकी लैब में काम करने वाले हिमांशु बिष्ट ने लैब में लैपटाप लगाने व सिस्टमों में छेड़छाड़ करने से मना करते हुए आपत्ति कर दी। जिस कारण इस ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा में एनीडेस्क रिमोट के माध्यम से दिल्ली बैठे साल्वर से पेपर साल्व कराने के अपने प्लान में सफल नहीं हो पाए।
परविंदर व सुनील की बातों का सभी ने समर्थन करते हुए अपने ऊपर हुए कर्ज व लोन चुकाने के लिए लालच के कारण ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा में एनीडेस्क रिमोट के माध्यम से दिल्ली बैठे साल्वर से पेपर साल्व कराने का काम करा रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसके बाद छह अगस्त से आयोजित होने वाली ऑनलाइन एसएससी परीक्षा में नकल कराने की तैयारी थी, लेकिन इससे पहले पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया।
ये है सॉल्वर गैंग
– गिरोह का सरगना परविंदर कुमार पुत्र कालूराम निवासी ग्राम लोहारी, थाना बडौत, जिला बागपत, हाल निवासी कुंतुवाला, चौक शिव मंदिर कालोनी मकान नंबर 152, देहरादून
– गिरोह का सरगना सुनील कुमार पुत्र बलबीर सिंह निवासी ग्राम बामनोली, थाना दोघट, जिला बागपत, उत्तरप्रदेश
– रमाकांत शर्मा उर्फ राहुल पुत्र सुरेंद्र कुमार शर्मा निवासी ग्राम कोतवाली, थाना अहमदगढ़, जिला बुलंदशहर, उत्तरप्रदेश
– अभिषेक कुमार पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम बढार, पोस्ट शहादाबाद, थाना शहादाबाद, जिला हाथरस उत्तरप्रदेश
– विशाल गिरी पुत्र सतीश गिरी उम्र निवासी ग्राम कूंठखास, थाना रोटा रोड, मेरठ जिला मेरठ, हाल पता ग्राम बेगमपुर, खेतड़ी, थाना बहादराबाद, जिला हरिद्वार
– फताब खान पुत्र याकूत अली निवासी ग्राम कल्याणपुर, पोस्ट तोडा, थाना रतनपुरी, जिला मुजफ्फरनगर
– अरुण कुमार पुत्र राजकुमार उम्र निवासी तुल्हेड़ी, थाना मीरापुर, जिला मुजफ्फरनगर
– शिव सिंह पुत्र रघुवीर सिंह निवासी ग्राम बढार, थाना शहादाबाद, जिला हाथरस उत्तर प्रदेश
जसवीर सिंह पुत्र जोगीराम निवासी ग्राम अस्थल बोहर, थाना अर्बन स्टेट, जिला रोहतक, मूल ग्राम मुहाना, थाना जिला जींद हरियाणा


