पुलिस ने लगाई गलत धारा, कोर्ट ने ढाका को दी जमानत

ईवीसीएल टी 20 क्रिकेट लीग के आयोजक विकास ढाका को मिली जमानत।

– आरोपी के अधिवक्ताओं की दलीलों का जवाब नहीं दे सकी पुलिस, गिरफ्तारी, तहरीर और मुकदमे का समय भी बना जमानत का आधार

Vikas Dhaka granted bail, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में ईवीसीएल फ्रॉड का आरोपी विकास ढाका पिछले चार दिनों से सलाखों के पीछे कैद है, लेकिन अब रिहाई के रास्ते साफ हो गए हैं। एसीजेएम कोर्ट हल्द्वानी ने विकास को जमानत दे दी है। माना जा रहा है कि परवाना पहुंचने के बाद मंगलवार को विकास हल्द्वानी उप कारागार से रिहा हो जाएगा। विकास ने हाई कोर्ट में भी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका लगाई है।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में ईवीसीएल टी-20 क्रिकेट लीग का आयोजन विकास ढाका करा रहा था, जो किसी वजह से रद हो गई। जिसके बाद उत्तराखंड सोल्जर्स की टीम के खरीदार पूर्व विधायक नारायण पाल और यूपी वॉरियर्स हेमंत शर्मा ने लाखों की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने 6 फरवरी को विकास ढाका को गिरफ्तार किया, न्यायालय में पेश किया और उसे जेल भेज दिया गया।

जिसके बाद विकास ने अपने अधिवक्ता गौरव कुमार पांडे और सौरभ कुमार पांडे की मदद से एसीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका लगाई। 9 फरवरी को कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की। विकास के अधिवक्ताओं ने बताया कि पुलिस ने एफआईआर में बीएनएस की धारा 318/4 लगाई, जबकि इसका अपराध विकास पर बनता ही नहीं। इस धारा में भी मुकदमा दर्ज करने के बाद नियमत: आरोपी को 35ए का नोटिस दिया जाना चाहिए था और यदि गिरफ्तारी जरूरी थी तो उसका ठोस आधार देना आवश्यक था।

पुलिस को चाहिए था कि धारा 318/4 लगाते, लेकिन इसके तहत गिरफ्तारी का प्रवाधान नहीं था। इसके अलावा कोर्ट को मुकदमा दर्ज करने से पहले गिरफ्तारी, गिरफ्तारी के बाद तहरीर और फिर मुकदमा दर्ज दलील दी गई। इन सभी को देखते हुए कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध माना और विकास को जमानत दे दी। गौरव और सौरभ ने बताया कि उन्होंने विकास की ओर से हाईकोर्ट में भी ज्यूडीशियल कस्टडी को लेकर याचिका लगाई है। उच्च न्यायालय में रिमांड ऑर्डर मांगा था, जिसे 11 फरवरी को कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top