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शारदा मार्केट की अवैध 74 दुकानें, डीडीए के एई और जेई पर गिरी गाज

– नैनीताल कार्यालय से किया अटैच, मुख्य बाजार में हो रहा था 74 अवैध दुकानों का निर्माण

Illegal shops of Sharda Market, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में नैनीताल रोड चौड़ीकरण की आड़ में एक होटल को मॉल में तब्दील कर दिया गया। यह सब अधिकारियों की नाक के नीचे चलता रहा। न नक्शा पास कराया गया और न ही किसी अन्य प्रकार की अनुमति ली गई। अधिकारी तब तक चुप्पी साधे रहे, जब भ्रष्टाचार मीडिया में सुर्खी नहीं बना। इस मामले में पहले तो निर्माण कार्य रुकवाया गया, फिर तोड़ना शुरू किया गया और अब जिला विकास प्राधिकरण के एई और जेई को नैनीताल कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।

नैनीताल रोड को चौड़ा करने के लिए शारदा होटल के एक हिस्से को तोड़ दिया गया था। शारदा होटल के स्वामी ने इसका फायदा उठाते हुए 74 अवैध दुकानों का निर्माण शुरू कर दिया। तीन तलों में दुकानों का निर्माण किया जा रहा था। यहां तक की बीच की गली को जोड़ने के लिए एक तल से दूसरे तल को जाने के लिए रास्ता भी बना दिया गया। बीच बाजार इतना बड़ा निर्माण होता रहा और जिम्मेदार आंखें मूंदे रहे।

बाद में पार्षद रवि जोशी ने इस मामले को उठाया और आनन-फानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे और चालान कर दिया। इसके बाद भी निर्माण जारी था। जिसके बाद इस निर्माण को प्रशासन ने तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी। हालांकि इस मामले में प्रशासन, नगर निगम और जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की काफी किरकिरी हुई। सवाल उठा कि इतना बड़ा निर्माण जो कई दिनों से चल रहा था, आखिर उसकी खबर अधिकारियों को क्यों नहीं लगी।

इसके बाद जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ला ने प्राधिकरण के एई अभिषेक कुमार और जेई आशुतोष पर कार्रवाई की है। इन दोनों को ही नैनीताल कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में ही कार्रवाई की गई है और आदेश जारी कर दिया गया है। इधर सूत्रों के अनुसार इस मामले में अभी आगे और भी कार्रवाई हो सकती हैं। इस मामले में माया देवी शारदा और आलोक शारदा के नाम पर नोटिस जारी किया गया है।

जिम्मेदारों की जांच की मांग
पार्षद रवि जोशी ने बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में धरना दिया। उन्होंने कहा कि शारदा मार्केट में अवैध निर्माण करके 74 दुकानों का मॉल बनाया जा रहा था। इसके लिए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों की जांच होनी चाहिए। पार्षद जोशी अकेले ही धरना पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि नगर निगम, सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण कार्यालय के अलावा अन्य अधिकारियों के कार्यालय के पास इतना बड़ा अवैध निर्माण हो गया। यह निर्माण रातों-रात तो नहीं हुआ है। सरकारी अधिकारी नैनीताल रोड से गुजरते रहते हैं।

इसके बाद भी इतना बड़ा निर्माण होना संदेह पैदा करता है। इसलिए मेरी मांग है कि जिन अधिकारियों के क्षेत्र में यह निर्माण आता है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। कहा कि एक आम आदमी एक छोटी से ईंट लगाता है और उसके ऊपर कार्रवाई हो जाती है वहीं इस मामले में सभी चुप रहे। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान ने उन्हें धरने से उठाया और आश्वासन दिया कि इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पार्षद रवि जोशी ने ही इस मुद्दे का उठाया था। जिसके बाद इस अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई थी।

करोड़ों रुपये का होने वाला था खेल
बाजार में चर्चा है कि शारदा मार्केट में बनाई गई अवैध दुकानों के एवज में करोड़ों रुपये का खेल होने वाला था। एक-एक दुकान की पगड़ी लाखों रुपये में तय की थी। किराएदार भी मिल गए थे, हालांकि इससे पहले ही भांडा फूट गया। अगर एक महीना और मामला नहीं खुलता तो करोड़ों रुपये का लाभ अवैध निर्माण करने वाले को हो जाता।

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