चंदन अस्पताल : वेंटीलेटर पर मरीज, फाइल में मार डाला, अस्पताल में हंगामा

बनभूलपुरा मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस जांच तेज।

– एबीवीपी का छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी से अभद्रता का आरोप, सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ रामनगर, मेयर गजराज पहुंचे मौके पर

Living patient made dead in Chandan Hospital, DDC : कुछ दिन पहले बिल न अदा करने पर मुर्दे को बंधक बनाने वाला चंदन अस्पताल फिर सुर्खियों में है। इस बार भी वेंटीलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीज को अस्पताल प्रबंधन ने फाइलों में मार डाला। मामले ने तूल पकड़ा तो एमबीपीजी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष और एबीवीपी नेता अभिषेक गोस्वामी अपने समर्थकों के साथ मंगलवार दोपहर अस्पताल में धरने पर पहुंच गए। यहां काफी देर तक बवाल होता रहा। गुस्साए छात्र अस्पताल परिसर के अंदर तक घुस गए और तोड़-फोड़ शुरू कर दी। छात्र, प्रबंधन से माफी मांगने का कह रहे थे, लेकिन माफी मांगने की बात पर लगातार हो रही टालमटोल से मामला बिगड़ता चला गया।

सोमवार को एक महिला का उपचार चंदन अस्पताल में चल रहा था। महिला वेंटीलेटर पर थी। चंदन अस्पताल के कर्मियों पर महिला के परिजनों ने आरोप लगाया कि जीवित होने के बाद उनके मरीज को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया है। कोतवाल विजय मेहता जांच के लिए अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने बताया कि अस्पताल की एक छोटी गलती वजह से ऐसा हुआ था। सोमवार की ही रात को छात्रसंघ अध्यक्ष अभिषेक गोस्वामी इसी मुद्दे को लेकर अस्पताल पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों में गहमागहमी भी हो गई।

माफी नहीं मांगी तो घुसे अस्पताल में
अभिषेक का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन के एक अधिकारी ने उनको गुंडा कहा है। मंगलवार की दोपहर अभिषेक अपने समर्थकों के साथ चंदन अस्पताल के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे गए और अस्पताल प्रबंधन से माफी मांगने के लिए कहा। यह भी मांग रखी कि जिस व्यक्ति ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, उस व्यक्ति से ही माफी मंगवाई जाए। दोपहर करीब डेढ़ बजे एबीवीपी कार्यकर्ता अस्पताल परिसर में घुस गए। वे सीधे प्रबंधन कक्ष की तरफ पहुंचे और मौके पर मौजूद लोगों से बात की।

सीईओ डॉ. राजगोपाल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने अभद्रता की भी है तो वह अस्पताल का कर्मचारी नहीं है। ऐसे में वे तो माफी मांग सकते हैं, लेकिन उक्त व्यक्ति से नहीं मंगवा सकते हैं। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी पहुंचे। इसके बाद भी मामला बिगड़ता चला गया। कुछ एबीवीपी छात्र पास के एक कक्ष में पहुंच गए और कक्ष की सीलिंग भी टूट गई। पुलिस को छात्रों को रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद भी छात्र आरोपी द्वारा माफी मांगने पर अड़े रहे।

कई दौर की वार्ता के बाद भी ऐसा नहीं हो पाया। मेयर गजराज सिंह बिष्ट, भाजपा नेता हरिमोहन अरोरा, सचिन शाह भी मौके पर मौजूद रहे। बाद में किसी तरह से मामले का पटाक्षेप हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट बाजपेयी ने बताया कि बाद में दोनों ही पक्षों में बात हो गई और मामला निपट गया है।

राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू भी पहुंचे
राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू भी अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने भी कोतवाल विजय मेहता के समक्ष कहा कि इस अस्पताल के ऊपर बार-बार आरोप लग रहे हैं। इस पर कोतवाल विजय मेहता ने अस्पताल प्रबंधन की ओर से हरीश पनेरू की वार्ता कराई। हरीश पनेरू ने कहा कि पहाड़ के लोगों को आयुष्मान कार्ड पर सही सुविधा दी जाए और उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ ही हर तरह की व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस अस्पताल का उद्घाटन स्वयं स्वास्थ्य मंत्री ने किया है। उनको भी मामले का संज्ञान लेना चाहिए।

चलते अस्पताल में आंदोलन, मरीज परेशान
जब आंदोलन और प्रदर्शन शुरू हुए तो अस्पताल में ओपीडी चल रही थी और साथ ही अंदर भी कई मरीज भर्ती थे। प्रदर्शन और नारेबाजी की वजह से मरीज भी असहज हो गए। काफी देर तक अस्पताल में बवाल की स्थिति रही। इस दौरान कई मरीज डॉक्टर को बिना दिखाए ही वापस चले गए। अस्पताल में स्थिति को संभालने में अस्पताल की आंतरिक सुरक्षा के साथ ही पुलिसबल के भी पसीने छूट गए। मौके पर भारी पुलिसबल को तैनात किया।

चंदन अस्पताल के एमएस बोले…
पूरे मामले में चंदन अस्पताल के एमएस डॉ.परवेज का कहना है कि महिला को लेकर जो प्रकरण चर्चा में है वो गलत है। महिला यहां आई थी और वह वेंटीलेटर पर थी। महिला के बचने की संभावना भी कम थी। परिवार ने निर्णय लिया कि वह मरीज को घर लेकर जाना चाहते हैं। उसके बाद मरीज को डॉक्टरों ने भी घर ले जाने की इजाजत दी। बाद में उस महिला के फाइल कवर के ऊपर एक गलती की वजह से मृत लिखा था। इस वजह से असंमजस की स्थिति पैदा हुई। जिस कर्मचारी की गलती है उसको नौकरी से हटा दिया गया है। यह गलती बिलिंग विभाग से हुई थी। जहां तक आयुष्मान योजना की बात है तो इस योजना से जो भी उपचार होते हैं, उनको कवर किया जाता है। इस महिला मरीज को मल्टीपल बीमारी थीं। इस वजह से गोल्डन कार्ड को एप्लाई करने में कुछ दिक्कत आईं थीं।

हल्द्वानी के सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई ने बताया कि एबीवीपी और अस्पताल प्रबंधन की बात करा दी गई है। मामले का पटाक्षेप हो गया है। साथ ही एबीवीपी ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी दिया है। उनकी मांगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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