. एसटीएच के बाहर की घटना, शुक्रवार सुबह 10 बजे से खड़ी थी कार, शनिवार सुबह 9 बजे लगा पता
Businessman found dead in car, DDC : घर से विद्युत विभाग के लिए निकले कारोबारी की मौत हो गई। कारोबारी की लाश उसी की कार में एसटीएच के बाहर लावारिस हालत में खड़ी मिली। पुलिस पहुंची तो कार अनलॉक थी और कारोबारी कार की ड्राइविंग सीट पर मृत पड़ा था और कारोबारी के शरीर की चमड़ी उधड़ चुकी थी। कार शुक्रवार सुबह से डॉ.सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय के बाहर खड़ी थी और इस घटना का पता शनिवार सुबह 9 बजे लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मौत को लेकर अभी संशय बना हुआ है। पुलिस ने एहतियातन बिसरा सुरक्षित रख लिया है।
तल्ली हल्द्वानी निवासी 46 वर्षीय अरुण बिष्ट पुत्र गोपाल सिंह बिष्ट बिष्ट यहां अपनी मां, पत्नी व दो बच्चों के साथ रहते थे। खेती-बाड़ी के अलावा उनका बरेली रोड पर घूंघट बैंक्वेट हॉल है। परिजनों के मुताबिक, अरुण शुक्रवार सुबह घर से अपनी कार में सवार होकर निकले थे। जाने से पहले उन्होंने घरवालों को बताया कि वह विद्युत विभाग जा रहे हैं और जल्द ही लौट आएंगे, हालांकि ऐसा हुआ नहीं।
शुक्रवार का पूरा दिन गुजरने के बाद जब शाम ढलने लगी तो परिजनों को चिंता हुई। उन्होंने अपने स्तर से तलाश शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार की सुबह 9 बजे लोगों ने कार को एसटीएच के बाहर लावारिस हालत में देखा तो कार के पास पहुंचे। कार की अगली सीट अरुण सिंह अचेत बैठा था। आनन-फानन में लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि कार पूरी तरह अनलॉक थी और एक दरवाजे की खिड़की भी खुली हुई थी।
जांच में सामने आया कि लगभग 24 घंटे से कार में पड़े अरुण के शरीर की ऊपरी त्वचा पूरी तरह उधड़ चुकी थी और शव लगभग नष्ट होना शुरू हो गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मौत की वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मौत के कारण जानने के लिए सभी एंगल पर काम किया जा रहा है। अभी तक परिजनों की ओर से शिकायत नहीं मिली है।
इकलौते बेटे की मौत से बूढ़े माता-पिता बेहाल
अरुण अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला था। अरुण की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा है। अरुण की पत्नी का रो-रोकर बुरा है। दो बच्चे अपनी व्यथा जाहिर नहीं कर पा रहे। वहीं बूढ़े माता-पिता को इकलौते बेटे की मौत से गहरा सदमा लगा है। होली से ठीक पहले परिवार में मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा है। इलाकाई लोगों का कहना है कि अरुण कभी रात बाहर नहीं गुजारते थे। वह किसी भी हालत में होते, लेकिन लौट कर अपने घर ही आते थे।


