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एसओजी प्रभारी पर कार्रवाई की संस्तुति, कांस्टेबल के खिलाफ नहीं मिले सुबूत

एसओजी प्रभारी राजेश जोशी पर कार्रवाई की संस्तुति।

. जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने चोरगलिया थाना क्षेत्र से जुड़े मामले में सुनाया अंतिम आदेश

Action Recommended Against SOG In-Charge, DDC : जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण, हल्द्वानी ने चोरगलिया थाना क्षेत्र के एक चर्चित मामले में पुलिस उपनिरीक्षक राजेश जोशी को कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही और उत्पीड़न का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है। प्राधिकरण ने राज्य सरकार को आदेश की प्रति भेजकर अग्रिम कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मामला गौलापार के उदयपुर रैक्वाल निवासी कमला देवी की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में तत्कालीन थानाध्यक्ष चोरगलिया और वर्तमान में एसओजी प्रभारी एसआई राजेश जोशी के अलावा पुलिस कांस्टेबल भारत भूषण और दिनेश लाल को पक्षकार बनाया गया था। मामले की सुनवाई के बाद जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण ने 8 जून को अंतिम आदेश पारित किया।

प्राधिकरण की अध्यक्ष मीना तिवारी तथा सदस्य डी.सी. तिवारी और भूपेंद्र सिंह की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों से यह स्पष्ट होता है कि शिकायतकर्ता के परिवार को पुलिस की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। आदेश में कहा गया है कि मृतक की अप्राकृतिक मृत्यु की सूचना मिलने के बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई में लापरवाही बरती गई।

प्राधिकरण ने माना कि एसआई राजेश जोशी ने अपने पद का दायित्व निभाने में अपेक्षित सतर्कता और संवेदनशीलता नहीं दिखाई। आदेश में कहा गया कि शिकायतकर्ता और उसके परिवार को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ा और पीड़ित पक्ष के विधिक अधिकारों का भी हनन हुआ। यह आचरण घोर लापरवाही और कदाचार की श्रेणी में आता है।

हालांकि प्राधिकरण ने पुलिस आरक्षी भारत भूषण और वाहन चालक आरक्षी दिनेश लाल के खिलाफ लगाए गए आरोपों को प्रमाणित नहीं माना। आदेश में कहा गया कि दोनों कर्मचारियों की संलिप्तता के संबंध में कोई ठोस मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, इसलिए उन्हें कदाचार का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

अंतिम आदेश में एसआई राजेश जोशी के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्राधिकरण ने कहा कि दोष सिद्ध होने पर वेतन कटौती, चेतावनी अथवा नियमानुसार अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही पीड़ित पक्ष को प्रतिकर (कम्पेनसेशन) दिए जाने की भी सिफारिश की गई है। प्राधिकरण ने आदेश की प्रति गृह विभाग, उत्तराखंड सरकार को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

पति की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
हल्द्वानी : गौलापार क्षेत्र निवासी नीतू शर्मा के पति उमेश की 6 अक्तूबर 2024 को जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद नीतू शर्मा ने उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, दौलतपुर के बैंक मैनेजर रोहित टम्टा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसी संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के आधार पर चोरगलिया थाने में रोहित टम्टा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की विवेचना शुरू हुई। बाद में जांच अधिकारी भी बदले गए और प्रकरण की जांच उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दूसरे अधिकारी को सौंप दी गई। इसी दौरान मृतक उमेश की मां कमला देवी ने आरोप लगाया कि मामले में पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और परिवार को न्याय दिलाने के बजाय उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने तत्कालीन थानाध्यक्ष चोरगलिया एवं अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण में शिकायत दर्ज कराई।

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