– सोमवार को सड़क हादसे का शिकार हुए व्यक्ति की हुई शिनाख्त, शिक्षा विभाग में था अनुसेवक, बैग में मिली मिठाई, समोसे और नमकीन
Education Department Attendant Killed in Tragic Road Accident, DDC : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में ड्यूटी से लौट रहा पिता, बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए साजो-सामान लेकर घर जा रहा था, लेकिन नैनीताल रोड पर सड़क पार करते वक्त वह पिकअप की चपेट में आ गया। पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। देर रात व्यक्ति की शिनाख्त हुई तो खुशियों वाले घर में मातम पसर गया। मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मूलरूप से द्वाराहाट अल्मोड़ा निवासी 57 उपेंद्र सिंह नेगी सुभाषनगर में पत्नी दीपा नेगी और 30 वर्षीय योगा टीचर बेटे गौरव के साथ रहते थे। उनकी बेटी निधि की शादी हो चुकी है, उसकी एक बेटी है और गर्मियों की छुट्टियों पर करीब 15 दिन पहले वह मायके आई थी। उपेंद्र गोरापड़ाव स्थित उप शिक्षाधिकारी कार्यालय में बतौर अनुसेवक तैनात थे।
उपेंद्र के बेटे गौरव ने बताया कि बीते सोमवार, 15 जून को निधि का जन्मदिन था। परिजन ने फोन कर उन्पेंद्र से जल्दी घर आने के लिए कहा था। उपेंद्र दफ्तर से अपने एक दोस्त के साथ मुखानी पहुंचे और यहां से वह पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। बेटी के जन्मदिन के लिए रास्ते से उन्होंने समोसे, मिठाई और नमकीन खरीदी।
सारा सामान लेकर सोमवार रात एमबीपीजी कॉलेज के सामने डिवाइडर पार करते वक्त वह काठगोदाम की ओर से आए एक पिकअप की चपेट में आ गए। पिकअप का पिछला पहिया उनके सिर से होकर गुजर गया और उपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। कोतवाल विजय कुमार मेहता ने बताया कि घटना किन हालातों में हुई इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
तलाशते-तलाशते चौकी पहुंचे तो मिली मौत की खबर
मृतक उपेंद्र के बेटे राहुल ने बताया कि आमतौर पर पिता ड्यूटी खत्म होने के बाद सही समय पर घर पहुंच जाते थे। वह कभी अपने दोस्त के साथ दफ्तर से आते थे तो कभी सार्वजनिक परिवहन से। सोमवार को जब तय समय तक वह घर पहुंचे तो परिजनों ने कुछ देर और इंतजार किया, लेकिन जब इंतजार करते-करते लगभग आधी रात होने की आई तो राहुल भोटियापड़ाव पुलिस चौकी पहुंचा। यहां बताया कि एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हुई, जिसे मॉर्चरी में रखा गया। राहुल मॉर्चरी पहुंचा तो पाया कि मरने वाला उसका ही पिता था।
बुधवार को जाने वाले थे बेटे के लिए लड़की देखने
उपेंद्र के दो ही बच्चे थे। बेटी निधि की तो वह पहले ही शादी कर चुके थे और अब बारी बेटे राहुल की थी। राहुल ने एक निजी संस्थान बतौर योगा टीचर नौकरी शुरू की तो पिता ने भी बेटे के लिए लड़की देखनी शुरू कर दी। राहुल ने बताया कि पिछले कई दिनों से उसके रिश्ते की बात चल रही थी। बुधवार को पिता लड़की देखने के लिए रुद्रपुर जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। वर्ष 2029 में उपेंद्र सेवानिृत्त होने वाले थे। वहीं चर्चा है कि डिवाइडर पार करते वक्त उपेंद्र का पैर फिसला और वह पिकअप के नीचे आ गए।

