– मुखानी थाना क्षेत्र में ज्वैलरी शॉप के ठीक बगल में बन हो रही कपड़ों की दुकान तैयार करने में जुटे मजदूरों का हैरतअंगेज कारनामा
Theft in Radhika Jewels of Haldwani, DDC : मुखानी थानाक्षेत्र में शातिर चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दे डाला। कालाढूंगी रोड पर कुसुमखेड़ा चौराहे के पास स्थित ज्वैलरी शॉप को चोरों ने निशाना बनाया और करीब सवा करोड़ रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर के साथ हजारों की नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना का शक उन मजदूरों पर है, जो ज्वैलरी शॉप के ठीक बगल में बन रही एक दुकान में काम कर रहे थे। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
ईको टाउन में रहने वाले नवनीत शर्मा ने बताया कि कुसुमखेड़ा चौराहे के पास उनकी राधिका ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। दुकान में नवनीत के साथ उनके बेटे शुभम और रजत भी बैठते हैं। शुक्रवार की रात रोज की तरह नवनीत ने दुकान बंद की और घर चले गए। शनिवार को साप्ताहिक बंदी की वजह से दुकान नहीं खुली।
रविवार की सुबह जब वह दुकान पहुंचे तो शटर में ताला लगा था, लेकिन जैसे ही ताला खोल कर शटर उठाया तो नवनीत के होश फाख्ता हो गए। दुकान के अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त था, तिजोरी टूटी पड़ी और दुकान की एक दीवार में करीब दो फीट का छेद बना दिया गया था। दुकान से करीब 25 किग्रा चांदी और 400 ग्राम सोने के जेवर तिजोरी से निकाल लिए गए थे। इसके अलावा 25 हजार रुपए की नगदी भी गायब है।
राधिका ज्वैलरी शॉप के मालिक नवनीत शर्मा ने बताया कि उनकी दुकान से सटी एक और दुकान हैं, जिसमें पहले फर्नीचर का काम होता था, लेकिन दुकान काफी समय से खाली थी। इस दुकान के मालिक गौरव बिष्ट हैं, जिनका घर दुकान के पीछे ही है। पुलिस पूछताछ में गौरव ने बताया कि पिछले माह उनके पास जनक राज बिष्ट नाम का व्यक्ति आया था। उसने खुद को स्थानीय निवासी बताया था और दुकान किराए पर लेने की इच्छा जाहिर की थी। उसने बताया कि वह यहां कपड़ों का शोरूम खोलना चाहता है।
जांच में सामने आया कि ज्वैलरी शॉप के ठीक बगल में एक खाली दुकान थी, जिसे बीती 10 नवंबर को जनक राज जोशी नाम के व्यक्ति को दुकान मालिक गौरव बिष्ट ने किराए पर दी थी। यह दुकान कपड़ों की दुकान खोलने के नाम पर ली गई थी और पिछले कुछ दिनों से चार मजदूर इसमें फर्नीचर आदि का काम कर रहे थे।
गौरव ने कथित जनक राज जोशी से कहाकि वह दुकान का किराए साढ़े 22 हजार रुपए प्रतिमाह लेगा। जनक राज ने बिना मोलभाव किए साढ़े 22 हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर हामी भर दी। जुबानी सौदा हुआ और 10 नवंबर से दुकान जनक राज के सुपुर्द कर दी गई। इसके तुरंत बाद जनक राज ने दुकान में चार कारीगरों को लगाया, जो दुकान के अंदर कपड़े रखने के लिए रैक बनाने का काम कर रहे थे। चूंकि जनक पड़ोसी दुकानदार होने वाला था तो उसने नवनीत और उनके बेटों शुभम व रजत से नजदीकियां बढ़ानी शुरू की।
10 नवंबर से 18 दिसंबर के दरम्यान जनक राज और उनके कारीगर नवनीत और उनके बेटों से घुल-मिल गए। वह राधिका ज्वैलरी शॉप पर पैनी नजर रख रहे थे। उन्होंने यहां तक रेकी कर ली थी कि उन्हें दीवार कितनी ऊंचाई पर और कहां से काटनी है। उन्हें यह भी पता था कि अगर वारदात को शुक्रवार को अंजाम दिया जाए तो उन्हें माल समेत भाग निकलने के लिए रविवार तक का वक्त मिल जाएगा, क्योंकि शनिवार बंदी की वजह से ज्वैलरी शॉप भी बंद रहती है।
माना जा रहा है कि इसी योजना को अमल में लाया गया और योजनाबद्ध तरीके से शुक्रवार की रात कटर, छेनी और हथौड़ी की मदद से 18 इंच मोटी दीवार को काटना शुरू किया गया। अनुमान है कि पूरी वारदात को डेढ़ घंटे के भीतर अंजाम दिया गया। इसके बाद शातिरों ने माल समेटा और फरार हो गए। इधर, रविवार को जब दुकान खुली तो शुक्रवार की पूरी रात, शनिवार का दिन और रात गुजर चुकी थी। रविवार को जब दुकान खुली तो वारदात को घंटो गुजर चुके थे और शातिर पुलिस की पहुंच से कहीं दूर निकल चुके थे।
एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले शातिर कहीं भी हों, उन्हें तलाश कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। शातिरों की तलाश में मुखानी थाने के साथ एसओजी को भी लगाया गया है। इसके अलावा क्षेत्र में लगे सभी सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


